दक्षिणी सूड़ान की मुंदारी प्रजाति के आदिवासी गाय और बैलों से अटूट प्यार करते हैं और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। गाय की पूजा करना और उनकी देखभाल करना ही इनका एकमात्र काम है। तस्वीरों में देखिए गाए के साथ इनकी अजीबो गरीब जिंदगी-
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गोबर और गौ मूत्र से धोते हैं मुंह, इन लोगों को देखकर हो जाएंगे हैरान
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गाय से करते हैं बहुत प्यार
- फोटो : daily mail
मुंदारी जनजाति के लोग गौ मूत्र से नहाते है क्योंकि उन लोगों का मानना है कि ऐसा करने से उनके शरीर में कोई रोग नहीं होता। साथ ही त्वचा हल्के नारंगी रंग की हो जाती है जो कि उनके लिए अच्छा है।
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गोबर और गौ मूत्र से धोते हैं मुंह, इन लोगों को देखकर हो जाएंगे हैरान
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गाय का दूध पीती महिला
- फोटो : daily mail
ये लोग इन्फेक्शन से बचने के लिए गाय से सीधा दूध निकालकर उसे पी लेते है।
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गाय की सुरक्षा में तैनात
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यहां गाय को भगवान की तरह पूजा जाता है। इनका मानना है कि गाय ही इनके जीवन को बचा सकती है इसलिए ये लोग बकायदा बंदूक लेकर उसकी रक्षा करते हैं। हर साल करीब 3,50,000 गाय और बैलों की चोरी होती है और इसके चलते 2500 लोग मारे जाते हैं।
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गाय का गोबर मुंह पर लगाती महिला
- फोटो : daily mail
यहां की महिलाएं गाय के गोबर से बने उपलो को जलाकर बनाई गई राख को टेलकम पाउडर की तरह मुंह पर लगाती हैं। इनका मानना है कि इससे त्वचा में निखार आता है।
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गोबर की राख पर नींद
- फोटो : daily mail
गोबर की राख इनके जीवन का आधार है। इसी राख पर ये सोते है और बीमारियों में इसी राख से इलाज करते हैं। उन लोगों का मानना है कि सूडान की गर्मी से यह राख ही बचाती है।