महाराष्ट्र में अमरावती के गढ़चिरौली नामक स्थान पर आदिवासी समुदाय रावण का पूजन करते हैं और पुतले का दहन नहीं करते हैं। कहा जाता है कि यह समुदाय रावण और उसके पुत्र को अपना देवता मानता है। दक्षिण भारत में ऐसा माना जाता है, कि रावण परम ज्ञानी, पंडित, शिवभक्त था, यहां पर रावण दहन को दुर्गुणों का दहन मानते हैं।