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नैनो तकनीक से बनाया गया दुनिया का सबसे छोटा घर, महज 300 वर्ग माइक्रोमीटर है मकान का क्षेत्रफल

Mon, 21 May 2018 10:51 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया का सबसे छोटा घर
वैज्ञानिकों को दुनिया का सबसे छोटा मकान तैयार करने में सफलता मिल गई है। नैनो तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किए गए इस मकान का क्षेत्रफल महज 300 वर्ग माइक्रोमीटर है। एक माइक्रोमीटर एक मिलीमीटर का हजारवां हिस्सा होता है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
मकान बनाने के लिए इस्तेमाल की गई रोबोटिक प्रणाली सटीकता के साथ नैनो मेटेरियल को छोटे, वांछित ढांचों में सही ढंग से जोड़ सकती है। ‘जर्नल ऑफ वैक्यूम साइंस एंड टेक्नोलॉजी ए’ में इस छोटे घर के निर्माण का जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह से अनुसंधानकर्ता आयन गंस, इलेक्ट्रॉन बीम और नियंत्रित रोबोटिक पायलटिंग में बदलाव कर ऑप्टिकल सेंसिंग टेक्नोलॉजी को बेहतर बना सकते हैं। 

 
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फ्रांस में फेम्टो-एसटी इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने इस मकान को बनाने के लिए नई माइक्रोबोटिक्स प्रणाली तैयार की, जिससे वे ऑप्टिकल नैनो तकनीक की मौजूदा सीमाओं से आगे निकल गए। शोधकर्ताओं की इस सफलता ने जेट इंजन और रक्तवाहिकाओं जैसी बारीक से बारीक जगहों पर बाल के बराबर पतला ऑप्टिकल फाइबर डालने की उम्मीद जगा दी है। 
 

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शोधकर्ता जीन वाई रॉश ने कहा कि पहली बार दो नैनोमीटर से कम की सटीकता के साथ चीजों को जोड़ने में सफलता मिली है। इससे रोबोटिक और ऑप्टिकल क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा। 

 
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शोधकर्ताओं ने एक आयन बीम, एक गैस इंजेक्शन सिस्टम और एक छोटे रोबोट को एक बैक्यूम चैंबर में जोड़ा। साथ ही मकान तैयार करने की प्रक्रिया देखने के लिए एक माइक्रोस्कोप भी लगाया। रॉश ने कहा कि इस माइक्रोहाउस को बनाने का अनुभव एक पेपर के टुकड़े से बड़ा सा पासा बनाने जैसा था। आयन बीम का इस्तेमाल कैंची की तरह किया गया। गैस इंजेक्शन सिस्टम के जरिये मकान के किनारों को जोड़ा गया। इसके बाद छत पर टाइल्स जैसा स्ट्रक्चर दिखाने के लिए दोनों का एकसाथ इस्तेमाल किया गया। 
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