Takshak Naag: झारखंड में पहली बार ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक मिला है। प्रदेश की राजधानी रांची के नामकुम स्थित आसीएच दफ्तर में यह दूर्लभ सांप पाया गया। इस उड़ने वाले सांप को तक्षक नाग के नाम से बुलाया जाता है। झारखंड में पहली बार इस प्रजाति का सांप मिला है। आसीएच दफ्तर में सांप देखने के बाद हड़कंप मच गया। डर के मारे कर्मचारी दफ्तर छोड़कर भाग गए। कर्मचारियों ने सांप पकड़ने वाले यानी स्नेक कैचर रमेश महतो को बुलाया। उन्होंने सांप सावधानी पूर्वक पकड़कर एक कार्टन में डालकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।
ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक के बारे में रोचक बातें
ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक उड़ने वाला सांप नहीं है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी के मुताबिक, यह दुर्लभ सांप एक तरीके से लहराता है। इससे वायुगतीय बल उतपन्न होता है। सांप जब उड़ते हैं, तो वो अपने आकार को बदलते हैं। सापों की गति और वायुगतीय बल इसे आकाश में तैरने का भ्रम उतपन्न करने में सक्षम बनाते हैं। एक शोध के मुताबिक, फ्लाइंग स्नेक अपने एरोडायनेमिक शरीर की वजह से छलाक लगाकर दूर तक जा सकते हैं। इस गुण के कारण खतरों से बचने में उन्हें मदद मिलती है।