सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी क्रिकेट में अपनी उपलब्धियों की वजह से एक ब्रांड बन गए। इन सभी को अपनी पीढ़ी के कुछ महानतम क्रिकेटरों के रूप में गिना जाता है। इनकी कमाई करोड़ों में है, लेकिन क्या आपको पता है कि ये दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर नहीं हैं। यहां तक कि अपने देश में भी ये सबसे अमीर नहीं हैं। आईपीएल 2025 की नीलामी के बाद से इन दिनों कई क्रिकेटर चर्चा में हैं। कई ऐसे खिलाड़ियों के बारे में भी चर्चा हो रही है जो नहीं बिके।
ऋषभ पंत 27 करोड़ में बिके और वह नीलामी इतिहास के सबसे महंगे क्रिकेटर बन गए। हालांकि, वह भी सबसे अमीर क्रिकेटरों की लिस्ट में नहीं हैं। इस लिस्ट में शीर्ष पर एक ऐसा खिलाड़ी है जिसने पांच साल पहले यानी 2019 में मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देकर क्रिकेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक लिया था। क्रिकेट में महज कुछ साल गुजारने के बाद यह क्रिकेटर गुमनाम हो गया और अब वह फिर से एक बिजनेस टायकून के रूप में उभरा है। हम बात कर रहे हैं उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे आर्यमान बिड़ला की, जिन्होंने सचिन, धोनी और विराट जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर का तमगा हासिल किया है।
सचिन, धोनी और कोहली जैसे खिलाड़ियों ने अपनी संपत्ति ऑन-फील्ड प्रतिभा और ऑफ-फील्ड प्रोडक्ट एंडोर्समेंट से बनाई है, जबकि आर्यमान की संपत्ति मुख्य रूप से पारिवारिक व्यवसाय, आदित्य बिड़ला समूह में उनकी भूमिका से आती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ 70 हजार करोड़ रुपये है। वहीं, विराट कोहली की नेटवर्थ एक हजार करोड़ रुपये के आसपास आंकी जाती है। आर्यमान ने 2019 में 22 साल की उम्र में अनिश्चितकालीन ब्रेक लिया था। वह फिलहाल 27 साल के हैं और एक सफल बिजनेसमैन हैं। हालांकि, पांच साल बाद भी आर्यमान ने कभी खुद के संन्यास के बारे में कभी कोई बयान नहीं दिया है।