प्रतीकात्मक तस्वीर
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बता दें कि बैंक ने भी इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा मांगी गईं छुट्टियां लेबर स्टैंडर्ड एक्ट के तहत नहीं है। वहीं, लेबर कोर्ट के कमिश्नर ने अपना मत रखते हुए कहा कि बैंक क्लर्क ने छुट्टी के लिए जो किया वो गलत है, लेकिन लेबर स्टैंडर्ड एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो किसी को छुट्टी लेने के लिए एक ही व्यक्ति से दोबारा शादी करने से रोकता हो। इतना ही नहीं बैंक द्वारा शख्स को छुट्टी नहीं देने पर करीब 700 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया।