17 फरवरी को लगेगा सूर्य ग्रहण? आसमान में दिखेगा आग का छल्ला
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क्या है वलयाकार सूर्य ग्रहण?
जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, तो उसकी दूरी भी बदलती है। कभी वह पृथ्वी के नजदीक होता, तो कभी दूर। जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है, तो यह हमें बड़ा नजर आता है। वहीं जब यह धरती से दूर होता है तो छोटा दिखाई देता है।
सूर्य ग्रहण के समय अगर चांद पृथ्वी के पास होता है, तो आकार की वजह से पृथ्वी से यह हमें सूर्य को पूरी तरह ढकता नजर आता है। लेकिन, जब यह धरती से दूर होता है, तो छोटे आकार की वजह से सूर्य के बीच के हिस्से को ही ढक पाता है। सूर्य का बाकी किनारा नजर आता है, जो आसमान में आग का छल्ला बनाता है।