दुनिया अजीबोगरीब रहस्यों से भरी हुई है जहां समय-समय पर नए-नए रहस्योंद्घाटन होते रहे हैं। लेकिन कुछ रहस्य ऐसे हैं जिनसे पर्दा हटाने की जितनी बार कोशिश हुई रहस्य और भी गहरा होता चला गया है।
कहते हैं कई लोग इन स्थानों के रहस्यों को जानने के लिए जान की बाजी भी लगाई और अपनी जान भी गंवाई लेकिन राज अब भी बरकरार है क्योंकि ये जगहें शापित बताई जाती है। भारत के कुछ महल, खंडहर, मंदिर और किले ऐसे ही कई रहस्यों को छुपाए हुए हैं।
विज्ञापन
2 of 6
kiradu tample
किराडू मंदिर
ये मंदिर राजस्थान के बारमेर जिले में है। कहते हैं वर्षों पहले किराडू में एक तपस्वी पधारे थे। इनके साथ शिष्यों की एक टोली भी थी। तपस्वी एक दिन शिष्यों को गांव में छोड़कर देशाटन के लिए चले गए। इस बीच शिष्यों का स्वास्थ्य खराब हो गया। गांव वालों ने इनकी कोई मदद नहीं की। तपस्वी जब वापस किराडू लौटे और अपने शिष्यों की दुर्दशा देखी तो गांव वालों को श्राप दे दिया कि जहां के लोगों के हृदय पाषाण के हैं वह इंसान बने रहने योग्य नहीं हैं इसलिए सब पत्थर के हो जाएं। आज भी लोग बताते हैं कि यहां साधु का शाप बना हुआ है और शाम ढलने के बाद कोई भी यहां नहीं ठहरता।
विज्ञापन
3 of 6
Bhangarh fort
बदनाम है ये किला
इस किले के बाहर भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से साफ-साफ चेतावनी लिखी गई है कि रात के समय यहां प्रवेश वर्जित है। हलांकि दिन के समय सैलानी इस किले में मजे से घूमते देखे जा सकते हैं। बता दें यह बदनाम किला भानगढ़ के किले के नाम से जाना जाता है। इस किले को एक तांत्रिक के श्राप से प्रभावित बताया जाता है। तांत्रिक के श्राप की वजह से यह किला रातों रात विरान हो गया। कहते हैं किले में उस तांत्रिक का शाप आज भी कायम है। इस वजह से यहां आज भी कुछ अजीबो गरीब घटनाएं होती हैं।
4 of 6
kuldhara village
कुलधारा गांव
कुलधारा गांव के बारें में आपने सुना होगा। यह जैसलमेर से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित है। करीब 200 सालों से विरान इस गांव को भी श्रापित माना जाता है। कहते हैं इस गांव में पालीवाल ब्राह्मण रहा करते थे। गांव की एक लड़की पर दीवान की गंदी नजर थी और उसे पाने के लिए दीवान ने गांव वालों को धमकी दी। परेशान गांव वालों ने रातों रात गांव छोड़ दिया और जाते-जाते श्राप दे गए कि कभी यह गांव आबाद नहीं होगा। इस श्राप के कारण आज भी यह गांव विरान हैं।
विज्ञापन
5 of 6
Pithauria village fort
पिठौरिया गांव का किला
इस किले को शापित माना जाता है। यह झारखंड की राजधानी रांची से 18 किलोमीटर की दूरी पर पिठौरिया गांव में है। इसे राजा जगतपाल सिंह ने बनवाया था। कहते हैं राजा जगतपाल ने क्रांतिकारी ठाकुर विश्वनाथ नाथ शाहदेव के खिलाफ अंग्रेजों का पक्ष लेते हुए गवाही दी थी जिससे क्रांतिकारी विश्वनाथ नाथ शाहदेव को मौत की सजा मिली। मरते हुए शाहदेव ने श्राप दिया कि जगतपाल का किला विरान हो जाएगा और इस पर बिजली गिरेगी। उस श्राप के कारण किले पर वर्षों से बिजली गिरती आ रही है।
बाजीराव मस्तानी का किला
यह है बाजीराव मस्तानी का किला जिसे शनिवार बाडा के नाम से जाना जाता है। कहते इस किले में पेशवा नारायण राव को सुमेर सिंह ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा था। मरते समय नारायण राव चिल्ला रहे थे राघोवा मुझे बचा लो। कहते हैं आज भी इस शापित किले से ऐसी आवाजें आती हैं।