ये अस्पताल मरीजों का नहीं बल्कि गुड़ियों का अस्पताल है। इस अस्पताल की कहानी के बारे में आप जानते हैं क्या..? बताते हैं कि इस अस्पताल का 200 साल पुराना बेहद भयानक इतिहास है।
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HOSPITAL OF HORRORS
इस जगह का नाम है हॉस्पिटल ऑफ हॉरर्स... दरअसल, यहां बच्चों के खेलने वाली गुड़ियों को रिपेयर किया जाता है। लेकिन अब यहां का हाल ऐसा है कि किसी भी आदमी को यहां जाने में डर लगता है।
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आपको बता दें यह अस्पताल पुर्तगाल में है। है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर बच्चों की गुड़ियों को रिपेयर करने वाली इस जगह को डरावना क्या हो सकता है? चलिए ये भी बता देते हैं...
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क्रिस्मस के मौके पर पुर्तगाल में टूटी-फूटी गुड़ियों को सुधरवाने की परंपरा है। इसलिए 1830 में बने इस गुड़ियों के अस्पताल में सालों से यह काम जारी है। बताते हैं कि सन् 1800 के आसपास इसी जगह पर एक बूढ़ी महिला जड़ी-बूटी बेचा करती थी।
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ऐसा कहा जाता है कि यहां से गुजरने वाले बच्चों की गुड़िया वो फ्री में सुधार देती थी। कुछ समय बाद इसी जगह के पीछे एक डॉल रिपेयर क्लिनिक शुरू हो गई। बस फिर यहां अस्पताल खड़ा कर दिया गया।
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ऐसी भी परंपरा है, जिसमें दादा-दादी अपने बचपन के खिलौनों को संभाल कर रखते हैं जिसे वे अपने पोत-पोती को दे सकें। इस वजह से यहां पुर्तगाल की हजारों डाल सुधरने के लिए आती हैं।
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लेकिन अंदर का नजारा इतना भयानक है कि देखकर लोग सहम जाते हैं। असल में यहां सैंकड़ो डॉल्स के बॉडी पार्ट्स जैसे हाथ-पैर, आंखे, चेहरे, बाल हर तरफ बिखरे होते हैं, जिसे देखकर लोगों को यहां डर का अहसास होता है।
आपको ये जानकर हैरानी होगी अस्पताल में रिपेयरिंग के लिए आने वाली डॉल्स का ख्याल हॉस्पिटल के मरीजों की तरह रखा जाता है। इतना ही नहीं यहां डॉल्स की मरम्मत करने वाले वर्कर्स डॉक्टर्स की तरह व्हाइट कोट पहनने के साथ रिपेयरिंग के औजार टांगे रखते हैं।