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Strawberry Moon: आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, फिर 2043 तक नहीं दिखेगा ऐसा चांद, क्या है इसका हनीमून से संबंध

Wed, 11 Jun 2025 04:15 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Strawberry Moon 2025: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए 11 जून 2025 की रात बेहद खास है। इस दिन आसमान में साल की सबसे रहस्यमयी और खूबसूरत खगोलीय घटना दिखाई देगी। जून माह की आखिरी पूर्णिमा के दिन रात में स्ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) नजर आएगा।
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आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, फिर 2043 तक नहीं दिखेगा ऐसा चांद, क्या है इसका हनीमून से संबंध - फोटो : Adobe Stock
Strawberry Moon 2025: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए 11 जून 2025 की रात बेहद खास है। इस दिन आसमान में साल की सबसे रहस्यमयी और खूबसूरत खगोलीय घटना दिखाई देगी। जून माह की आखिरी पूर्णिमा के दिन रात में स्ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) नजर आएगा। इस बार यह एक माइक्रो मून भी होगा, जो पृथ्वी से थोड़ा ज्यादा दूर होने की वजह से सामान्य से थोड़ा छोटा और धुंधला भी दिखेगा।

इस साल स्ट्रॉबेरी मून सिर्फ नाम या रंग के कारण नहीं, बल्कि माइक्रो मून और मेजर लूनर स्टैंडस्टिल की वजह से भी बेहद खास है। इसका रंग स्ट्रॉबेरी जैसा नहीं होता, लेकिन इसका नाम अमेरिकी आदिवासी परंपराओं से जुड़ा है। इस साल चंद्रमा पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी पर होगा, जिसके वजह से यह सामान्य से छोटा और नीचा दिखेगा। यह घटना हर 18.6 साल में एक बार घटती है और अब ऐसा चांद 2043 में ही दिखेगा। यह मौका खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए एक दुर्लभ अनुभव हो सकता है। 
 
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आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, फिर 2043 तक नहीं दिखेगा ऐसा चांद, क्या है इसका हनीमून से संबंध - फोटो : Adobe Stock
कैसे पड़ा स्ट्रॉबेरी मून नाम? 

उत्तरी अमेरिका के एल्गोनक्विन आदिवासियों ने इस चांद का नाम स्ट्रॉबेरी मून रखा था। इसकी वजह यह है कि इसी समय उत्तरी अमेरिका में स्ट्रॉबेरी फल काटने का समय होता है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक, लोग चांद का रंग समझने की कोशिश करते हैं लेकिन यह स्ट्रॉबेरी के रंग का या लाल या गुलाबी बिल्कुल नहीं दिखेगा। यह अपनी पीली रोशनी के साथ नजर आएगा। 
 
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क्यों अलग-अलग रंगों में दिखाई देता है चांद? 

विशेषज्ञ के मुताबिक, स्वर्णिम यानी सोने के रंग जैसा पीला दिखेगा। इस पर हल्का लाल रंग का असर दिखाई देगा। उस समय आपके ऊपर के वायुमंडल में किस तरह के रसायनों का प्रभाव ज्यादा है, यह इस पर निर्भर करेगा। दरअसल, ग्रे रंग का चांद सूरज की रोशनी और वायुमंडल में मौजूद गैसों और रसायनों के कारण अलग रंगों में नजर आता है। 
 

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आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, फिर 2043 तक नहीं दिखेगा ऐसा चांद, क्या है इसका हनीमून से संबंध - फोटो : Adobe Stock
क्यों पड़ा है अलग-अलग नाम? 

स्ट्रॉबेरी मून को हॉट मून भी कहा जाता है, क्योंकि यह घटना गर्मी में होती है। इसे रोज मून भी कहा जाता है, क्योंकि इस समय दुनियाभर में कई स्थानों पर गुलाब की फसल होती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, यूरोपियन लोग इसे हनी मून भी कहते हैं, क्योंकि इस समय शहद के छत्ते तैयार हो गए होते हैं और उसमें से इस समय शहद निकाला जाता है। 

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क्या है शादी वाले हनीमून से संबंध? 

इस मून का शादी वाले हनीमून से भी संबंध है। हनीमून शब्द का इस्तेमाल 1500 सदी से किया जा रहा है। इस समय दुनियाभर में कई देशों में शादियां होती हैं। शादियों के बाद अक्सर लोग हनीमून मनाने के लिए जाते हैं। 

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कब दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून? 

स्ट्रॉबेरी मून को 11 जून, 2025 को सुबह 03.44 बजे (अमेरिका के समयानुसार) देखा जा सकता है और भारत में 1:15 बजे से दिखने लगेगा। यह चंद्रमा रोमांच और खूबसूरती से भरा होगा और साथ ही खगोल प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर भी है।  इस चंद्रमा को देखने का यह दुर्लभ मौका फिर 18 साल बाद मिलेगा। 
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