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Zara Hatke: क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? आखिर किस जेल में कैदियों को रखा जाता था

Sat, 20 Dec 2025 06:12 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Cellular Jail: कालापानी सजा का इतिहास 100 साल से ज्यादा पुराना है। काला पानी की सजा बीते जमाने की बात जरूर लगती है, लेकिन आज हर भारतीय को देश के क्रांतिकारियों के बलिदान की याद दिलाती है।
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क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
Cellular Jail: बीते जमाने में काला पानी की सजा के नाम से ही कैदी कांपने लगते थे। यह एक जेल थी, जिसे सेल्यूलर जेल के नामा से जाना जाता था। वर्तमान समय में भी यह जेल इसी नाम से जानी जाती है। यह जेल अंडमान निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है। इस जेल को अंग्रेजों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद रखने के लिए बनाया गया था।

काला पानी का भाव सांस्कृतिक शब्द काल से बना माना जाता है जिसका अर्थ होता है समय या मृत्यु। यानी काला पानी शब्द का अर्थ मृत्यु के स्थान से है, जहां से कोई वापस नहीं आता। हालांकि, अंग्रजों ने इसे सेल्यूलर नाम दिया था, जिसके पीछे एक हैरान करने वाली वजह है। 
 
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क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
सेल्यूलर जेल अंग्रेजों द्वारा भारत के स्वतंत्रता सेनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाह है। इस जेल की नींव 1897 ईस्वी में रखी गई थी और 1906 में यह बनकर तैयार हो गई थी। इस जेल में कुल 698 कोठरियां बनी थीं और प्रत्येक कोठरी 15×8 फीट की थी। इन कोठरियों में तीन मीटर की ऊंचाई पर रोशनदान बनाए गए थे ताकि कोई भी कैदी दूसरे कैदी से बात न कर सके। 
 
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क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
यह जेल गहरे समुद्र से घिरी हुई है, जिसके चारों ओर कई किलोमीटर तक सिर्फ और सिर्फ समुद्र का पानी ही दिखता है। इसे पार कर पाना किसी के लिए भी आसान नहीं था। इस जेल की सबसे बड़ी खूबी ये थी कि इसकी चहारदीवारी को एकदम छोटा बनाया गया था, जिसे कोई भी आसानी से पार कर सकता था, लेकिन इसके बाद जेल से बाहर निकलकर भाग जाना लगभग नामुमकिन था, क्योंकि ऐसा कोशिश करने पर कैदी समुद्र के पानी में ही डूबकर मर जाते। 

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क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
इस जेल का नाम सेल्यूलर पड़ने के पीछे एक वजह है। दरअसल, यहां हर कैदी के लिए एक अलग सेल होती थी और हर कैदी को अलग-अलग ही रखा जाता था, ताकि वो एक दूसरे से बात न कर सकें। ऐसे में कैदी बिल्कुल अकेले पड़ जाते थे और वो अकेलापन उनके लिए सबसे भयानक होता था।

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क्यों कालापानी की सजा से कांपते थे कैदी? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
कहा जाता है कि इस जेल में न जाने कितने ही भारतीयों को फांसी की सजा दी गई थी। इसके अलावा कई तो दूसरी वजहों से भी मर गए थे, लेकिन इसका रिकॉर्ड कहीं मौजूद नहीं है। इसी वजह से इस जेल को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय कहा जाता है। 
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