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Stephen Blumberg: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है इस चोर का नाम, कारनामे सुनकर आप भी पकड़ लेंगे सिर

Thu, 07 May 2026 01:05 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Book Thief: अमेरिका का रहने वाला स्टीफन ब्लमबर्ग किताबों का ऐसा दीवाना था, जिसने 1970 से 1990 के बीच अमेरिका और कनाडा की सैकड़ों लाइब्रेरियों को निशाना बनाया। उसने 45 राज्यों और 268 लाइब्रेरियों से करीब 23,600 दुर्लभ और बेशकीमती किताबें चुरा ली थीं। 
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दुनिया का सबसे चर्चित बुक थीफ - फोटो : AI
Stephen Blumberg Guinness Record: दुनिया में चोरी के कई अजीबोगरीब किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ऐसे चोर के बारे में सुना है, जिसने पैसों या गहनों नहीं बल्कि किताबों की चोरी करके अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया? एक ऐसा शख्स, जिसकी करतूतें इतनी हैरान करने वाली थीं कि उसे दुनिया का सबसे बड़ा “बुक थीफ” कहा जाने लगा। कहा जाता है कि उसने हजारों दुर्लभ किताबें चुराकर ऐसा कारनामा किया, जिसे किसी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से कम नहीं माना जाता. यह कहानी है स्टीफन ब्लमबर्ग की, जिसने लाइब्रेरियों को ही अपना निशाना बना डाला।
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19 टन किताबें की चोरी - फोटो : adobestock
19 टन किताबें की चोरी
अमेरिका का रहने वाला स्टीफन ब्लमबर्ग किताबों का ऐसा दीवाना था, जिसने 1970 से 1990 के बीच अमेरिका और कनाडा की सैकड़ों लाइब्रेरियों को निशाना बनाया। उसने 45 राज्यों और 268 लाइब्रेरियों से करीब 23,600 दुर्लभ और बेशकीमती किताबें चुरा ली थीं। इन किताबों का कुल वजन लगभग 19 टन बताया गया। हैरानी की बात ये थी कि ब्लमबर्ग ने इनमें से किसी किताब को बेचने की कोशिश नहीं की। उसने अपने घर को ही एक गुप्त लाइब्रेरी में बदल दिया था, जहां दीवारों से लेकर अलमारियों तक सिर्फ किताबें ही नजर आती थीं।
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किताबों के लिए पागलपन की हद तक जुनून - फोटो : adobestock
किताबों के लिए पागलपन की हद तक जुनून
ब्लमबर्ग का तरीका भी किसी फिल्मी चोर से कम नहीं था। वह दिन में लाइब्रेरी पहुंचकर वहां का पूरा नक्शा दिमाग में बैठा लेता, एंट्री और एग्जिट के रास्ते समझता और फिर रात में चोरी को अंजाम देता। उसके पास कई नकली पहचान पत्र थे और कई बार वह स्टाफ की चाबियां तक हासिल कर लेता था।

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बचपन से था 'स्किजोइड पर्सनालिटी डिसऑर्डर' - फोटो : adobestock
बचपन में उसमें 'स्किजोइड पर्सनालिटी डिसऑर्डर' नाम की मानसिक स्थिति पाई गई थी। इसी वजह से वह लोगों से दूरी बनाकर किताबों की दुनिया में खोया रहता था। उसे लगता था कि दुर्लभ किताबों की असली कद्र संस्थाएं नहीं कर रहीं, इसलिए उन्हें “बचाने” की जिम्मेदारी उसी की है।

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साथी ने खोला सबसे बड़े बुक थीफ का राज - फोटो : adobestock
साथी ने खोला सबसे बड़े बुक थीफ का राज
हर रहस्य की तरह ब्लमबर्ग की कहानी का भी अंत हुआ। उसका राज उसके ही साथी केनेथ रोड्स ने एफबीआई को बता दिया। 20 मार्च 1990 को जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर का हर कोना किताबों से भरा था। बाथरूम, किचन और बेडरूम तक में दुर्लभ किताबों के ढेर लगे थे. आखिरकार 1991 में अदालत ने उसे दोषी करार दिया और 71 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। जेल से बाहर आने के बाद भी स्टीफन ब्लमबर्ग का नाम दुनिया के सबसे रहस्यमयी और बड़े किताब चोर के रूप में हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया।
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