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Solar Eclipse 2026: जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? जानकर हो जाएंगे हैरान

Wed, 11 Feb 2026 04:48 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार के दिन लगेगा। ग्रहण भारतीय समय के मुताबिक, शाम 5 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है।
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जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? - फोटो : Freepik
Solar Eclipse 2026: साल का पहला 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो आसमान में आग के छल्ले जैसा दिखेगा।  हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका, अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के कुछ के हिस्से में दिखाई देगा। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण का जानवरों पर भी असर होता है। आइए जानते हैं कि आखिर जानवरों पर ग्रहण का क्या असर होता है? 

17 फरवरी 2026 को एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान आसमान में रिंग ऑफ फायर यानी आग का छल्ला नजर आएगा। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के ठीक बीच से गुजरता है, तो वलयाकार सूर्य ग्रहण होता है। हालांकि, सूर्य की डिस्क को पूरी तरह से नहीं ढक पाता। यह सूर्य के अधिकांश भाग को ढक लेता है, जिससे सूर्य का बाहरी किनारा अंधेरे चंद्रमा के चारों ओर एक चमकदार वलय के रूप में दिखाई देता है।
 
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जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? - फोटो : Freepik
क्या होता है सूर्य ग्रहण का असर? 

सूर्य ग्रहण के दौरान जानव कन्फ्यूज हो जाते हैं। पक्षियों पर सबसे अधिक असर होता है। जानवरों और पक्षियों के पास कोई घड़ी नहीं होती है। अधिकतर जानवर दिन के उजाले और रात के अंधेरे के हिसाब से अपना काम करते हैं। वह सूरज की रोशनी देखकर उठते हैं, अंधेरा होने पर शिकार के लिए निकलते हैं या सोते हैं। हालांकि, 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण के कारण दिन में शाम जैसा नजारा होगा। इससे वो परेशान हो सकते हैं। जानवर की प्रजाति पर यह निर्भर करता है। 
 
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जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? - फोटो : Freepik
अध्ययन में हुआ खुलासा

साल 2017 में हुए ग्रेट अमेरिकन एक्लिप्स के दौरान एक अध्ययन किया गया था। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया था। उन्हें पता चला कि पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान पक्षी सबसे अधिक कन्फ्यूज होते हैं। दिन की रोशनी बदलने से उन्हें लगता है कि शाम हो गई है। वह बीच में ही अपना काम छोड़ देते हैं और आराम करने चले जाते हैं। लेकिन अंधेरा छंटने पर वह नहीं समझ पाते कि आखिर क्या हो रहा है?

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जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? - फोटो : Adobe Stock
किन जानवरों का ज्यादा बदलता है व्यवहार?

मुर्गों पर ग्रहण का असर ज्यादा देखने को मिलता है। अचानक अंधेरा होने और फिर उजाला होते ही वे बांग देने लगते हैं और खाने की तलाश करने लगते हैं। क्योंकि अधिकतर मुर्गे सुबह ही खाते हैं। थोड़ी देर के प्राकृतिक अंधेरे से उन्हें आभास होता है कि रात हो चुकी है और फिर रोशनी आती है, तो सुबह मानकर फिर खाने चले जाते हैं। रात में आवाज करने वाले टिड्डे अचानक से बोलने लगते हैं और फिर उजाला होते ही चुप हो जाते हैं। 

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जानवरों पर सूर्य ग्रहण का क्या होता है असर? - फोटो : Freepik
क्या होता है तापमान पर असर? 

अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक ग्रहण के दौरान अध्ययन किया था कि सूरज की रोशनी ढकते ही तापमान में तेजी से गिरावट होती है, जैसे रोशनी वापस आती है, तो तापमान फिर से तेजी ऊपर आता है। कई बार तापमान में माइनस छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ जाती है। सामान्य तौर पर 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आती है या तेजी दिखाई देती है। साल 1834 में ग्रहण के समय पेंसिलवेनिया के गेटिसबर्ग में तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। 2017 में पूर्ण सूर्य ग्रहण गर्मी के मौसम के दौरान लगा था। उस दौरान भी तापमान में गिरावट महसूस की गई थी। 
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