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50 सालों में खत्म हो गईं 70 फीसदी से भी अधिक शार्क मछलियां, प्रजाति पर मंडराया विलुप्त होने का खतरा

Sun, 31 Jan 2021 01:24 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आबादी में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पूंजीवाद के वजह से ना ही केवल धरती पर हालात खराब हुए हैं, बल्कि समुद्री दुनिया को लेकर भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हाल ही में हुए एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि समुद्र में बहुत अधिक मछली पकड़े जाने से शार्क मछलियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इस रिसर्च के मुताबिक शार्क मछलियां हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए एक स्टडी के मुताबिक, साल 1970 के बाद से शार्क और रे मछलियों की जनसंख्या में 71 फीसदी की गिरावट आई है। शार्क और रे मछलियों की 31 में से 24 प्रजातियां अब संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में आ चुकी हैं। बता दें कि साल 1970 के बाद से हिंद महासागर में शार्क मछलियों के हालात इतने ज्यादा बिगड़े हैं कि इनकी आबादी में 84.7 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा ओशेनिक वाइटटिप और ग्रेट हैमरहेड शार्क पर भी विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कई दशकों से वैज्ञानिक इस बात कि आशंका जता रहे हैं कि शार्क की प्रजातियां में जबरदस्त गिरावट आ रही है। लेकिन पिछले 50 साल ग्लोबल स्तर पर शार्क मछली के लिए बेहद भयावह रहे हैं। कनाडा के सिमोन फ्रासेर यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटेर के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि साल 1970 से लेकर अबतक मछली पकड़ने पर दबाव 18 गुना बढ़ गया है, जिससे समुद्र के इको सिस्टम पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में कई जलीय जीव विलुप्त होने के कगार पर हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixbay
वैज्ञानिकों की मानें तो शार्क और रे मछलियों को बचाने के लिए जितना जल्दी हो सके सही कदम उठाने की जरूरत है। समुद्री मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर रिचर्ड शेर्ले ने कहा कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो हालात काफी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। रिचर्ड ने ये भी कहा कि इस मामले में सरकारों पर भी लोगों द्वारा दबाव बनाने की जरूरत है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वहीं इस मामले पर बात करते हुए ड्यूक यूनिवर्सिटी के इकोलॉजिस्ट ड्यूक ने कहा कि जब आप समुद्र के टॉप शिकारियों मसलन शार्क को खत्म कर देते हो, तो समुद्री फूड साइकिल पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है और इसका असर काफी चीजों पर पड़ेगा। शार्क समुद्र के शेर या टाइगर की तरह होती हैं और वे पूरे इको-सिस्टम को संतुलित करने में मदद करती हैं।
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