पेट की आग बुझाने के लिए इंसान खाना खाता है, दिमाग की भूख मिटाने के लिए उसे इल्म की जरूरत होती है। ये ज्ञान मिलता है किताबों से। भाषा के वजूद में आने के साथ ही इंसान ने लिखने का काम शुरू किया। फिर लिखे गए दस्तावेज सुरक्षित रखे जाने लगे। लाइब्रेरी का चलन हाल के कुछ दशकों की देन नहीं बल्कि इसका चलन एक जमाने से चला आ रहा है। खुदाई करने पर जिन नई सभ्यताओं के बारे में जानकारियां मिलीं, वहां लाइब्रेरी होने के निशान भी मिले। दुनिया के बहुत से देशों में खुफिया लाइब्रेरी मौजूद हैं, जहां हजारों साल पुरानी किताबें संभालकर रखी हुई हैं।