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Scorpion Fish: गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर है ये मछली, जहरीली इतनी की किंग कोबरा को देती है टक्कर

Fri, 15 Nov 2024 12:07 PM IST
शिखर बरनवाल फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

आमतौर पर जहरीले जीवों की बात करते समय सांप और बिच्छू ही दिमाग में आते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जहरीली मछली भी पाई जाती है जिसका पूरा शरीर ही विषैला होता है? इस मछली का नाम है स्कॉर्पियन फिश।
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स्कॉर्पियन फिश - फोटो : Adobe Stock
Dangerous Fish: आमतौर पर जहरीले जीवों की बात करते समय सांप और बिच्छू ही दिमाग में आते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जहरीली मछली भी पाई जाती है जिसका पूरा शरीर ही विषैला होता है? इस मछली का नाम है स्कॉर्पियन फिश। इस दुर्लभ मछली की खोज भारत के वैज्ञानिकों ने 2020 में मन्नार की खाड़ी में की थी। मन्नार की खाड़ी एक उथले पानी की खाड़ी है जो हिन्द महासागर में लक्षद्वीप सागर के एक भाग का हिस्सा है। खैर, केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने सेतु कराई तट पर इस मछली को पाया था। यह पहली बार था जब इस प्रजाति की मछली को भारतीय जल में जीवित पाया गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह मछली इतनी खतरनाक होती है कि इसे खाने से इंसान की मौत भी हो सकती है। इसके अलावा स्कॉर्पियन फिश अपने आप में कई अद्भुत विशेषताएं समेटे हुए हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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गिरगिट की तरह रंग बदल सकती है स्कॉर्पियन फिश - फोटो : Adobe Stock
गिरगिट की तरह रंग बदल सकती है यह मछली
स्कॉर्पियन फिश कई अनोखी विशेषताओं वाली मछली है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह गिरगिट की तरह अपना रंग बदल सकती है। यह आसपास के वातावरण के अनुसार अपना रंग बदलकर खुद को छिपा लेती है। रंग बदलने की वजह से शिकारियों से बचने के साथ शिकार को पकड़ने में आसानी होती है। इस कारण इसे पहचान पाना बहुत मुश्किल होता है।
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स्कॉर्पियन फिश में अंतर्निहित रडार होता है - फोटो : Adobe Stock
कंपन से महसूस कर सकती है आसपास की चीजें
स्कॉर्पियन फिश एक अत्यंत कुशल शिकारी है, जो शिकार के लिए एक खास तरीके का इस्तेमाल करती है, जिसे पार्श्व संवेदी प्रणाली कहा जाता हैं। यह प्रणाली एक तरह का अंतर्निहित रडार है जो मछली को पानी में होने वाली छोटी-छोटी हलचलों और कंपनों को महसूस करने में मदद करती है। इस तरह, यह मछली आसपास तैर रहे अन्य जीवों को देखे बिना ही ढूंढ सकती है और उन पर हमला कर सकती है। यह खासियत स्कॉर्पियन फिश को शिकार करने के साथ खतरों से बचने में भी काफी मदद करती है।

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रंग बदलने वाली मछली - फोटो : Adobe Stock
किंग कोबरा से भी अधिक खतरनाक होती है यह मछली
स्कॉर्पियन फिश को इसका नाम इसके जहरीले कांटों की वजह से मिला है। इन कांटों में न्यूरोटॉक्सिन नामक एक जहरीला पदार्थ होता है। न्यूरोटॉक्सिन नर्वस सिस्टम(तंत्रिका तंत्र) के लिए बेहद खतरनाक होता है। यह उसी तरह का जहर है जो किंग कोबरा और समुद्री सांपों में पाया जाता है। यही कारण है कि इस मछली को खाने से भी जान जाने का खतरा रहता है।
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स्कॉर्पियन फिश - फोटो : Adobe Stock
इंडो-वेस्ट पैसिफिक क्षेत्र में पाई जाती है यह मछली
स्कॉर्पियन फिश स्कार्पेनिडे परिवार से संबंधित है, जिसमें कई जहरीली मछलियां शामिल हैं। यह मछली आमतौर पर इंडो-वेस्ट पैसिफिक क्षेत्र में पाई जाती है। स्कॉर्पियन फिश एक बेहद खतरनाक मछली है। यह समुद्र के तल पर लेटकर अपना रंग बदल लेती है और शिकार को अपने पास आने का इंतजार करती है।
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