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Venus Planet Life: आखिर खतरनाक हालात के बावजूद भी शुक्र ग्रह पर क्यों जीवन के संकेत खोज रहे हैं वैज्ञानिक?

Tue, 15 Sep 2020 03:10 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
शुक्र ग्रह पर जीवन की संभावना सौरमंडल के दूसरे किसी भी ग्रह से कम समझी जाती है। काफी लंबे समय से वैज्ञानिकों का भी एकमत रहा है कि शुक्र ग्रह पर जीवन के अनुकूल नहीं बल्कि बहुत ज्यादा विपरीत परिस्थितियां हैं। बाइबिल में तो इस ग्रह को नरक कहा गया है। शुक्र ग्रह बहुत ही गर्म है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में इस बात की संभावना जताई गई है कि शुक्र ग्रह पर एक जगह सूक्ष्म जीवन हो सकता है।
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शुक्र ग्रह की सतह - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों को शुक्र ग्रह के वायुमंडल में फॉस्फीन गैस मिली है, जो वहां जीवन होने का संकेत दे रही है। धरती पर इस गैस का संबंध जीवन से है। इस गैस को माइक्रो बैक्टीरिया ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में उत्सर्जित करते हैं। वैसे तो फॉस्फीन को कारखानों में भी बनाया जा सकता है, लेकिन शुक्र ग्रह पर यह संभव नहीं है।
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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दरअसल, नेचर एस्ट्रोनॉमी नाम के जर्नल में प्रकाशित एक शोध में शुक्र ग्रह पर मिले फॉस्फीन गैस के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके लिए कार्डिफ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेन ग्रीव्स और उनके साथियों ने हवाई के मौना केआ ऑब्जरवेटरी में जेम्स क्लर्क मैक्सवेल टेलीस्कोप और चिली में स्थित अटाकामा लार्ज मिलिमीटर ऐरी टेलिस्कोप की मदद से शुक्र ग्रह पर नजर रखी।

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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
इस दौरान वैज्ञानिकों को फॉस्फीन के स्पेक्ट्रल सिग्नेचर का पता लगा। ऐेसे में वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि शुक्र ग्रह के बादलों में यह गैस बहुत बड़ी मात्रा में है। लेकिन तमाम अनुकूल बातों के साथ ही कुछ गंभीर समस्याएं भी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शुक्र ग्रह पर केवल सांस लेने योग्य हवा तो है ही नहीं बल्कि वहां के वातावरण में सल्फ्यूरिक ऐसिड के वाष्प हैं। इस ग्रह पर घने बादलों में 75-95% सल्फ्यूरिक एसिड है, जो जीवन के लिए एकदम घातक है। इतना ही नहीं शुक्र ग्रह की सतह पर वायुमंडलीय दाब बहुत ही ज्यादा है, जिसके वजह से लगता है कि हम पानी के कई किलोमीटर नीचे दबे हैं।
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