अग्नि, वायु, गगन, जल और मिट्टी इंसान का शरीर इन पांच तत्वों से मिलकर बना है। ऐसे में जब इंसान की मृत्यु होती है तो अंतिम संस्कार के बाद ये सभी पांच तत्व वातावरण में विलीन हो जाते हैं। धरती पर हर प्राणी की मृत्यु तय होती है। इंसान हो या जानवर उसे एक निश्चित समय तक जीवन बिता कर मरना ही है। दुनिया में प्रकृति ने प्राणियों के जीवन का एक क्रम तय किया हुआ है। बचपन, जवानी, प्रौढ़ावस्था और बुढ़ापा हर इंसान के जीवन के मुख्य चरण है। ऐसा कहा भी जाता है कि जब किसी चीज का अंत होता है तभी एक नई शुरुआत भी होती है। इसी कड़ी में आज एक ऐसे रोचक तथ्य के बारे में चर्चा करेंगें कि आखिर व्यक्ति अपने अंतिम समय में क्या सोचता होगा? जी हां, इस बात का खुलासा अब वैज्ञानिकों ने किया है जो बेहद चौकाने वाला है। आइए जानते हैं कि इंसान अपने अंतिम समय में क्या सोचता है....