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Black holes: जानिए कैसे अस्तित्व में आए ब्लैक होल, वैज्ञानिकों ने किया अब तक सबसे बड़ा खुलासा

Thu, 06 Jan 2022 07:16 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक होल - फोटो : Pixabay
जब भी हम चांद तारों और अंतरिक्ष की बात करते हैं तो ब्लैक होल का जिक्र अपने आप हो जाता है। ब्लैक होल क्या है? ये सवाल हमेशा से ही खगोल विज्ञान के लिए रहस्मयी चीजों में से एक है जो विज्ञान में रुचि रखते हैं उनके अंदर ब्लैक होल के बारे में जानने की हमेशा से ही उत्सुकता बनी रहती है। ब्लैक होल को 'कृष्ण विवर' भी कहा जाता है। वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि सुपरमैसिव ब्लैकहोल उन प्राइमॉर्डियल ब्लैक होल से बने होंगे जो बिग बैंग के ठीक बाद अस्तित्व में सामने आए थे। हमारे ब्रह्मांड में कई ब्लैक होल हैं। ब्लैक होल हमारे अंतरिक्ष में ऐसी जगह है जहां बहुत ही ज्यादा गुरुत्वाकर्षण बल मौजूद है। इनकी ऊर्जा इतनी है कि कोई भी चीज इसके आरपार नहीं जा सकती है। यहां तक कि प्रकाश भी इनसे होकर नहीं जा सकता है। यहां भौतिक विज्ञान का कोई भी नियम काम नहीं करता है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं ब्लैक होल से जुड़ी हुई तमाम बातें- 
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ब्लैक होल - फोटो : Pixabay
हॉकिंग और आइंस्टीन ने क्या बताया
 
ब्लैक होल की खोज कार्ल स्क्वार्जस्चिल्ड और जॉन व्हीलर ने किया था। स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल के बाहरी हिस्से को हॉराइजन बताया था। हॉकिंग के अनुसार, ब्लैक होल रेडिएशन के चलते एक पूरी तरह से द्रव्यमान मुक्त होकर गायब हो जाता है। आइंस्टीन के अनुसार के लॉ ऑफ जनरल के अनुसार, ब्लैक होल की शक्ति इतनी ज्यादा होती है कि इसके आस-पास आने वाली कोई भी चीज इसके प्रभाव से बच नहीं सकती है।
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Black Hole Missing - फोटो : अमर उजाला
अगर कोई ब्लैक होल के अंदर चला जाए तो क्या होगा? अगर आप ब्लैक होल के अंदर जाने के बारे में सोचते हैं तो ये असंभव है, क्योंकि पहुंचने से पहले ही आप जलकर राख हो जाएंगे। मान लिया जाए कि अगर इंसान इसके अंदर चला भी जाए तो क्या कोई दूसरा ग्रह मिलेगा या फिर कुछ और। इसीलिए ब्लैक होल अभी तक रहस्य बना हुआ है।

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Black Hole Missing - फोटो : imagine.gsfc.nasa.gov
डिकोड करने की कोशिश 
 
न्यूजर्सी की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के डेनिएल हारलो और कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के पैट्रिक हायडन ने एक अध्ययन किया और वर्ष 2013 में इस नतीजे पर पहुंचे। 
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ब्लैक होल (फाइल फोटो) - फोटो : NASA
अगर विश्व के सबसे तेज कंप्यूटर से भी ये पता लगाया जाए कि ब्लैक होल के अंदर के हिस्से का जुड़ाव कैसा है तो भी काफी समय लग जाएगा और तब तक ये ब्लैक होल अपने आप ही खत्म हो जाएगा।
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