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रिसर्च में दावा पांच गुना तक घट गई है सूरज की रोशनी, वजह तलाश रहे हैं वैज्ञानिक

Wed, 06 May 2020 07:05 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि धरती को ऊर्जा देने वाला सूरज अब कम चमक रहा है। पहले की अपेक्षा इसकी रोशनी में कमी आई है। आकाशगंगा में मौजूद अन्य तारों की तुलना में सूरज कमजोर पड़ गया है। बता दें कि सूरज और उसके जैसे अन्य तारों का अध्ययन उनकी उम्र, चमक और रोटेशन के आधार पर किया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 9000 सालों से इसकी चमक में 5 गुना कमी आई है। हालांकि वैज्ञानिक इसके पीछे की वजह तलाशने में लग गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
वैज्ञानिकों का दावा है कि हजारों सालों से सूरज लगातार कमजोर होते जा रहा है। दिन-प्रतिदिन सूरज की चमक-धमक फीकी पड़ती जा रही है। इस बात का खुलासा उन्होंने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के केपलर स्पेस टेलीस्कोप से मिले आकंड़ों का अध्ययन कर किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
सूरज पिछले कुछ हजार साल से शांत है। इस चीज की गणना सूर्य के सतह पर बनने वाले सोलर स्पॉट से किया जाता है। मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक इस बात से हैरान हैं कि हमारे आकाशगंगा में सूरज से भी ज्यादा सक्रिय तारे मौजूद हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
सन 1610 से लगातार सूरज पर बनने वाले सोलर स्पॉट कम होते जा रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले साल ही करीब 246 दिन तक सूरज पर एक भी स्पॉट बनते नहीं देखा गया। सूरज के केंद्र से जब गर्मी की तेज लहर ऊपर उठती है तो सोलर स्पॉट बनते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सरल भाषा में हम ये कह सकते हैं कि सूरज थक गया हो और एक छोटी सी नींद ले रहा हो।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : NASA
सूरज के केंद्र में अगर आग का विस्फोट नहीं हो रहा हो और सोलर स्पॉट नहीं बन रहे हैं तो इसका मतलब ये है कि सूरज अन्य तारों की तुलना में जरूर कमजोर हुआ है। उसकी चमक धीमी पड़ गई है और रोशनी में कमी आई है।
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