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लॉकडाउन में मंडी बंद होने से नहीं मिले खरीदार, किसान ने सड़क पर फेंक दी 24 लाख रुपये की शिमला मिर्च

Wed, 06 May 2020 06:36 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। ऐसे में लोग अपने घरों में बंद हैं। हालांकि सरकार ने रोजर्मरा की जरूरत वाले समानों को बेचने के लिए छूट दी है। लेकिन इस घातक वायरस के डर से लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जिसका सीधा असर सब्जी के बाजारों पर भी पड़ रहा है। सब्जी की मंडियों में खरीदार नहीं मिलने के कारण किसान अपनी सब्जियां सड़कों पर फेकने के लिए मजबूर हैं। कुछ ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है।
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शिमला मिर्च - फोटो : फाइल फोटो
दरसअल, मध्य प्रदेश के इंदौर-भोपाल की थोक मंडियां बंद हैं। ऐसे में सब्जी उगाने वाले किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। चापड़ा के एक किसान ने करीब 4 लाख रुपये की लागत से 5 बीघा खेत में पिकाडोर और 3 बीघा में शिमला मिर्च की खेती की थी। फसल तैयार होने तक पूरे देश में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लागू हो गया, जिसके कारण इंदौर और भोपाल की थोक मंडियां बंद हो गईं।
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शिमला मिर्च - फोटो : फाइल फोटो
इस किसान को मंडी में एक भी खरीदार नहीं मिला, जिसके कारण मजदूर लगाकर इस मिर्च को तुड़वाकर खेतों के बाहर फेंकना पड़ा। चापड़ा के प्रेम नामक किसान ने बताया कि एक बीघा में 150 क्विंटल के करीब मिर्ची की पैदावार होती है। कीमत कम होने पर भी शिमला मिर्च 20 रुपये किलो बिक जाता है।

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शिमला मिर्च - फोटो : फाइल फोटो
कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन में इस किसान को करीब 24 लाख रुपये की मिर्ची सड़कों पर फेंकनी पड़ी है। लॉकडाउन के वजह से किसानों को भी काफी नुकसान हो रहा है।
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दूध - फोटो : PTI
साथ ही दूध और अंडा के उत्पादन से जुड़े किसानों को भी लॉकडाउन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में डिमांड कम होने के कारण किसानों की चीजों को कोई लेने के लिए तैयार ही नहीं हो रहा है।
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