जब कभी तुम्हें पेपर में छेद करना होता है, तो तुम 'होल पंचिंग मशीन' का इस्तेमाल करते होगे। स्कूल, ऑफिस, कॉलेजों आदि में भी यह छोटा सा यंत्र बड़े काम आता है।
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Friedrich Soennecken
माना जाता है कि होल पंच का पहला पेटेंट 14 नवंबर 1886 को अविष्कारक फ्रेडरिक सोनेकेन ने फाइल किया था। फ्रेडरिक एक जर्मन ऑफिस सप्लायर थे, जिन्होंने 1875 में खुद की कंपनी एफ. सोनेकेन वर्लैग शुरू की थी।
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hole punching machine
होल पंच के आविष्कार के साथ सोनेकेन ने फ्रेश पंच शीट को स्टोर करने के लिए रिंग बाइंडर का अविष्कार भी किया था। इसका अविष्कार हुए इतने वर्ष बीत गए, लेकिन आज तक इसकी डिजाइन में कोई बदलाव नहीं आया है।
यह मशीन लीवर और स्ट्रिंग सिस्टम की मदद से पंच करती है, जिससे एक साथ अनेकों शीट आसानी से पंच हो जाती हैं। वर्तमान में डबल होल पंच का काफी प्रयोग होता है, फिर भी सिंगल होल पंच आज भी प्रचलन में है। इसकी डिजाइन को बड़ा रूप देकर हजारों शीटों को एक साथ पंच करने का काम प्रिंटिंग इंडस्ट्री में होता है।