कैंसर के रोगियों को शुगर और अन्य प्रकार के कार्बोहाइड्रेट का सेवन नहीं करना चाहिए इसका कारण है कि कैंसर की कोशिकाओं को जीवित रहने और विकास करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होते है, और कैंसर कोशिकाओ के लिए ऊर्जा का मूल स्त्रोत ग्लूकोस होता है और कार्बोहाइड्रेट या शुगर मुख्य रूप से टूटने के बाद ग्लूकोस में बदल जाते है और यही ग्लूकोस कैंसर कोशिकाओ को जीवित रहने और विकास करने के लिए अवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।
विज्ञापन
2 of 4
potato
एक अध्ययन में पाया गया है कि इलाज के दौरान कार्बोहाइड्रेट और शुगर का अत्याधिक सेवन करने से सिर और गर्दन के कैंसर का जोखिम अधिक बढ़ जाता है। अमेरिका में इलिनोइस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अन्ना ई ऑर्थर के मुताबिक, इलाज के बाद आलू, फली जैसे वसा और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा कम होने से रोगियों को बीमारी से उबरने में मदद मिलती है।
विज्ञापन
3 of 4
hand
यदि वह अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा का अत्याधिक इस्तेमाल करते हैं तो इससे उस अवस्था में मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने 400 से अधिक कैंसर रोगियों के स्वास्थ्य परिणामों के उपचार से पूर्व व बाद के आकड़ों का अध्ययन किया।
जिसमें उन्होंने पाया कि इलाज के दौरान अत्याधिक कार्बोहाइड्रेट के सेवन से सिर व गर्दन जैसे कैंसर का खतरा बना रहता है व यह मृत्यु का कारण भी बन सकता है। यह अध्ययन ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर’ नामक एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।