फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनोखे ग्रह की खोज, यहां 7 घंटे में 1251 साल का हो जाएगा इंसान

Wed, 06 Dec 2017 10:08 AM IST
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
विज्ञापन
1 of 5
demo
क्या आप इस बात से सहमत होंगे कि अंतरिक्ष में एक ग्रह ऐसा भी मौजूद है, जहां महज 7 घंटे में आपकी उम्र 1,251 साल हो जाएगी..? शायद नहीं क्योंकि ये बात आपके लिए एकदम नई और अनोखी होगी। इसलिए इस पर पहली बार में विश्वास करना मुश्किल है। लेकिन वास्तव में एक ऐसा ग्रह मिला है।
 
विज्ञापन

2 of 5
demo
आपकी जानकारी के लिए बता दें केपलर टेलिस्कोप ने ऐसा ग्रह ढूंढ निकाला है, जिसे अंतरिक्ष का सबसे तेज प्लेनेट कहा जा रहा है। हालांकि इस ग्रह के बारे में अभी तक प्रमाणिक तौर पर यह पता नहीं चल पाया है कि एक दिन में यह कितने घंटे का होगा। अभी तक ट्रैक किए दिन प्रति वर्ष से केवल इतना स्‍पष्‍ट हुआ है कि यहां 7 घंटे का एक साल होगा। फिलहाल वैज्ञानिक इस ग्रह पर शोध कर रहे हैं।  

 
विज्ञापन

3 of 5
demo
अगर यह बात सही निकली तो इसका मतलब ये हुआ कि पृथ्‍वी के हिसाब से यहां पर सात घंटे में ही आपकी उम्र 1251 साल हो जायेगी। इसको एक सिंपल लॉजिक से हम ऐसे समझ सकेत हैं। सर्वमान्य है कि पृथ्‍वी पर एक साल में 365 दिन होते हैं और उसमें कुल 8,760 घंटे होते है। जबकि केपलर टेलिस्कोप ने ऐसा ग्रह ढूंढ निकाला है जिसमें सात घंटे होते ही साल खत्म हो जाता है। इसका मतलब ये हुआ कि पृथ्‍वी के हिसाब से यहां पर सात घंटे में ही आपकी 1,251 साल हो जाएगी। 

 

4 of 5
demo
केपलर के खोजे गए इस ग्रह की ऐसी स्थिति इसलिए है क्‍योंकि इस ग्रह का सूर्य की परिक्रमा करने का समय महज 6.7 घंटे है। इस ग्रह का नाम ईपीआईसी 246393474 बी रखा गया है। केपलर एक ग्रह अन्‍वेषी यानि प्‍लेनेट हंटिंग टेलिस्कोप है, जो वो अब तक करीब 2300 ग्रहों की खोज कर चुका है। इस नए ग्रह को उसने धरती के एकदम पास ही खोजा है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
demo
2013 केपलर ने के2 मिशन की शुरुआत की थी। ये ग्रह धरती से लगभग 5 गुना बड़ा बताया जा रहा है। इस ग्रह में भारी पत्थर मौजूद हैं जिसमें 70 प्रतिशत तक आयरन होने की संभावना व्‍यक्‍त की गई है। इस ग्रह का नाम ईपीआईसी 246393474 बी रखा गया है, वैसे इसका एक दूसरा नाम भी है सी 12_3474 बी। लेकिन यहां का वातावरण इंसानों के रहने योग्‍य नहीं है। वैज्ञानिकों की तो यहां स्टेलर रेडिएशन फैला है। पृथ्‍वी के करीब होने के बावजूद इसे मानवीय कॉलोनी के तौर पर विकसित करने की कोई संभावना नहीं है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें