प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे का पूरा विकास हो, यह सुनिश्चित करने के लिए वैसे तो आए दिन नई तकनीक ईजाद हो रही है। इनकी मदद से वक्त रहते प्रेग्नेंसी से जुड़े कॉमप्लिकेशंस को दूर करना मुमकिन हो जाता है। फिर भी कोई न कोई कमी रह ही जाती है।
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Harlequin-Type Ichthyosis
नवजात बच्चों में पाए जाने वाले डिसऑडर्स में से एक है हर्लेक्विन इचथाइयोसिस। इस जेनेटिक सिंड्रोम से ग्रसित नवजात की आखें लाल होती हैं और शरीर पर बाघ जैसे निशान देखे जा सकते हैं।
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Harlequin-Type Ichthyosis
- फोटो : Caters
ऐसी बीमारी वाले बच्चे अंधे होते हैं। उनके न कान होते है और न ही नाक। पूरे शरीर पर लाल चकते पड़ जाते हैं।
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Harlequin-Type Ichthyosis
भारतीय उपमाद्वीप में इस बीमारी की संभावनाओं की बात करें तो साल 2010 में पाकिस्तान के गिलगिट में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। पड़ोसी मुल्क में अभी तक ऐसे 4 मामले सामने आ चुके हैं।
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Harlequin-Type Ichthyosis
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वहीं भारत नें जून 2016 में नागपुर में किसान के परिवार में इसी बीमारी से ग्रसित बच्ची का जन्म हुआ था। हालिया मामलों की बात करें तो इसी साल जनवरी में बिहार के भागलपुर में भी ऐसे ही बच्चे का जन्म हुआ था।
हालांकि, ऐसी बीमारी से जूझने वाले बच्चे ज्यादा दिनों तक जिंदा नही रह पाते। लेकिन 33 वर्षीय नुसरत नेली शाहीन इकलौती ऐसी शख्स हैं जो इस सिंड्रोम से ग्रसित होने के बावजूद जिंदा हैं। अचरज की बात तो यह कि वह देख भी सकती हैं और सुनने में भी सक्षम हैं। वहीं, उनके चारों भाई-बहन, जिन्हें भी यही बीमारी थी, ज्यादा दिनों तक जिंदा न रह सके।