प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
एंड्री वख्रुशेव के मुताबिक, इस पिरामिड के निर्माण के दौरान उन्हें एक सेंटीमीटर तक की भी त्रुटि मंजूर नहीं थी। काम को लेकर पूरी तरह से सावधानी बरती गई है और पिरामिड के सटीक आकार, निर्माण में सही स्तर और काम में परफेक्शन से किसी भी तरह का समझौता नहीं हुआ है। इस पिरामिड के निर्माण के लिए इस दंपती ने एक महीने का समय अच्छा कॉन्ट्रेक्टर ढूंढने में ही लगा दिया।