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Independence Day 2020: इन 8 मौकों पर गाया जाता है राष्ट्रगान

Sat, 15 Aug 2020 07:02 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तिरंगा - फोटो : सोशल मीडिया
15 अगस्त 1947 को हमारे देश भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। विश्व के नक्शे पर इसी दिन भारत को अपनी एक अलग पहचान मिली। इसके साथ ही हम देशवासियों को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' गाने की भी आजादी मिली। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत सभी के रग-रग में देशभक्ति की भावना को कायम रखता है। ऐसे में आज हम आपको उन 8 खास मौकों के बारे में बताएंगे, जब राष्ट्रगान बजाना जरूरी होता है।
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Independence Day 2020 - फोटो : PTI
  • जब राष्ट्र सलामी देता है (इसका अर्थ है राष्ट्रपति या संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के अंदर राज्यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर को विशेष अवसरों पर राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय सलामी-सलामी शस्त्र प्रस्तुत किया जाता है)।
  • औपचारिक राज्य कार्यक्रमों और सरकार द्वारा आयोजित अन्य कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन पर और सामूहिक कार्यक्रमों में तथा इन कार्यक्रमों से उनके वापस जाने के अवसर पर राष्ट्रगान गाया जाता है।
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Independence Day 2020 - फोटो : PTI
  • ऑल इंडिया रेडियो पर राष्ट्रपति के राष्ट्र को संबोधन से पूर्व और उसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है।
  • राज्यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर के उनके राज्य/संघ राज्य के अंदर औपचारिक राज्य कार्यक्रमों में आगमन पर तथा इन कार्यक्रमों से उनके वापस जाने के समय इस देशभक्ति भरे गीत को गाया जाता है।

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Independence Day 2020 - फोटो : PTI
  • जब राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को परेड में लगाया जाए तो राष्ट्रगान गाया जाता है।
  • जब रेजीमेंट के रंग प्रस्तुत किए जाते हैं तो राष्ट्रगान गाया जाता है।
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Independence Day 2020 - फोटो : PTI
  • भारतीय नौसेना के रंगों को फहराने के लिए राष्ट्रगान गाया जाता है।
  • साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सिनेमाहॉल में भी फिल्म शुरू होने से पूर्व राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य कर दिया गया। लेकिन साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि सिनेमाघरों में फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है।
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भारत का राष्ट्रगान - फोटो : अमर उजाला
क्या है भारत का राष्ट्रगान?
जन-गण-मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता। 
पंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठा
द्राविड़-उत्कल-बंग
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशीष मांगे
गाहे तव जय-गाथा।
जन-गण-मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे, 
जय जय जय जय हे।

यह भारत का राष्ट्रगान है, जिसकी रचना प्रख्यात कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने की थी। यह मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा गया था, लेकिन बाद में इसका हिंदी और अंग्रेजी में भी अनुवाद कराया गया। रविंद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान की रचना वर्ष 1911 में ही कर ली थी। इसे पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक में गाया गया था। 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा इसे स्वीकार किया गया। राष्ट्रगान के पूरे संस्करण को गाने में कुल 52 सेकेंड का समय लगता है।
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