फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर कौन थे चे ग्वेरा, जिनके जन्मस्थान के बिकने की चर्चा दुनियाभर में हो रही है

Sat, 27 Jun 2020 12:37 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
क्रांतिकारी नेता चे ग्वेरा - फोटो : Social media
बीसवीं सदी के वामपंथी क्रांतिकारी एर्नेस्टो चे ग्वेरा का जन्मस्थान अर्जेंटीना के रोजारियो शहर में बिकने जा रहा है। शहर के केंद्र में स्थित 2580 स्क्वॉयर फुट के इस घर के मौजूदा मालिक फ्रांसिस्को फर्रुग्गिया ने बताया कि उन्होंने इसे साल 2002 में खरीदा था। 

फ्रांसिस्को का कहना है कि वो इस घर को एक सांस्कृतिक केंद्र में बदलना चाहते थे लेकिन उनकी ये योजना कभी भी हकीकत में नहीं बदल पाई। हालांकि अर्जेंटीना के इस बिजनेसमैन ने ये नहीं बताया कि उन्होंने इस घर की क्या कीमत रखी है। बीते सालों में बड़ी संख्या में लोग इस इमारत को देखने के लिए आते रहे हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
चे ग्वेरा का जन्मस्थान - फोटो : Social media
क्यूबा की क्रांति

यहां आने वाले नामचीन लोगों में उरुग्वे के पूर्व राष्ट्रपति जोसे पेपे मुजिसा और क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो के बच्चे शामिल रहे हैं, लेकिन शायद यहां आने वाले लोगों में सबसे मशहूर नाम एल्बर्टो ग्रानाडोस का है, जिन्होंने पचास के दशक में चे ग्वेरा के साथ दक्षिण अमेरिका की मोटरसाइकिल से यात्रा की थी। पेशे से डॉक्टर एल्बर्टो तब नौजवान थे और चे ग्वेरा के साथी भी। 
विज्ञापन

3 of 5
चे ग्वेरा - फोटो : Social media
चे ग्वेरा का जन्म साल 1928 में एक खाते-पीते मध्य वर्गीय परिवार में हुआ था, लेकिन जब उन्होंने दक्षिण अमेरिका में गरीबी और भूख देखी तो उन्होंने क्रांति का रास्ता अपना लिया। क्यूबा की क्रांति के दौरान उन्होंने अहम भूमिका निभाई। इस क्रांति में फुल्गेन्सिको बतिस्ता की तानाशाही का तख्तापलट कर दिया गया था। 

इसके बाद चे ग्वेरा ने क्रांति का दायरा पूरे दक्षिण अमेरिका और विकासशील देशों तक ले जाने की इच्छा जताई। चे ग्वेरा क्यूबा से बोलिविया चले गए, जहां उन्होंने राष्ट्रपति रेने बैरिएंटोस ओर्टुनो के खिलाफ जंग लड़ रहे विद्रोही बलों की अगुवाई की। 

4 of 5
चे ग्वेरा - फोटो : Social media
चे ग्वेरा की हत्या

अमेरिका की मदद से बोलिविया की सेना ने चे ग्वेरा और बचे हुए लड़ाकों को पकड़ लिया। नौ अक्तूबर, 1967 को ला हिग्वेरा नाम के एक गांव में चे ग्वेरा की हत्या कर दी गई और उनका पार्थिव शरीर किसी खुफिया जगह पर दफना दिया गया। साल 1997 में उस गुप्त जगह की जानकारी मिली, जिसके बाद उनके अंतिम अवशेषों को क्यूबा लाया गया और उनकी फिर से अंत्येष्टि की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चे ग्वेरा की मूर्ति - फोटो : Social media
क्रांतिकारी चे ग्वेरा ने अपने जीवनकाल में जो कुछ भी किया, उसको लेकर आज भी लोगों की राय बंटी हुई है। उनके समर्थक उन्हें समर्पण और आत्म-बलिदान के उदाहरण के तौर पर देखते हैं जबकि उनके आलोचकों का कहना है कि चे ग्वेरा एक क्रूर और बर्बर शख्स थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें