कछुआ और ये जीव भी बोल कर करते हैं बातचीत
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शोधकर्ताओं ने छिपकलियों, सांपों, सैलामैंडर, उभयचर, और लंगफिश जैसी प्रजातियों की ध्वनि क्षमता पर प्रासंगिक जानकारी को फिलोजेनेटिक विशेषता पुनर्निर्माण तकनीकों के साथ जोड़ा ताकि कशेरुकियों में ध्वनि संचार के विकास के इतिहास का पता लगाया जा सके। इस अध्ययन में कहा गया है कि इनके पूर्वज कम से कम 407 मिलियन वर्ष (40.07) पहले पुरापाषाण काल के दौरान रहते थे।