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Coronavirus: रहस्यमयी गुफाओं में चीन के वैज्ञानिकों पर चमगादड़ों ने किया था हमला, वहीं से हुई कोरोना की शुरुआत

Mon, 18 Jan 2021 04:27 PM IST
योगेश जोशी फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना वायरस के फैलने के बाद से ही चीन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि चीन के वुहान से ही कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत हुई थी। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें चीन के वैज्ञानिक चमगादड़ों की एक गुफा में सैंपल लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। सैंपल लेने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया है। इस दौरान लापरवाही बरती गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बात का पता कर रहा है कि कोरोना वायरस की शुरुआत कैसे हुई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
वैज्ञानिकों पर चमगादड़ों ने हमला किया
  • डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार वुहान लैब के वैज्ञानिकों का मानना है कि जब वो रहस्यमय गुफाओं में चमगादड़ों का सैंपल लेने गए थे तब उन पर कुछ चमगादड़ों ने हमला कर दिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि उन गुफाओं में रहने वाले चमगादड़ सक्रंमित थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
वीडियो काफी पुराना है
  • हालांकि ये वीडियो काफी पुराना है। चीन के सरकारी चैनल में करीब दो साल पहले इस वीडियो को दिखाया गया था। इस वीडियो में वैज्ञानिक इस बात को स्वीकार करते हुए नजर आ रहे हैं कि उन पर चमगादड़ों ने हमला किया था।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
वुहान इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने लापरवाही बरती थी
  • इस वीडियो में ये भी दिखाया गया है कि वुहान इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने लापरवाही बरती थी, जिस वजह से उन पर चमगादड़ों ने हमला कर दिया था। इस वीडियो के अनुसार सार्स के मूल वायरस का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक चमगादड़ों का सैंपल इकट्ठा कर रहे थे। वैज्ञानिकों ने स दौरान कोई पीपीई किट नहीं पहना है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
चमगादड़ में कई तरह के खतरनाक प्रकार के वायरस पाए जाते हैं
  • चमगादडों का हमला करने के बाद एक शोधकर्ता का कहना था कि जब चमगादड़ ने जहरीले दांतों से काटा तो उन्हें लगा कि उनके हाथ में पूरी सूई घूस गई रही है। एक महिला शोधकर्ता का कहना था कि चमगादड़ में कई तरह के खतरनाक प्रकार के वायरस पाए जाते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चमगादड़ के हमले के बाद वैज्ञानिकों को लैब के अंदर खुले हाथों से काम करते हुए देखा गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद कहा जा रहा कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक ही कोरोना वायरस के संवाहक बने। इन वैज्ञानिकों ने गंभीर लापरवाही बरती थी जिस वजह से इस वायरस को लैब तक पहुंचने का मौका मिल गया।
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