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Zara Hatke: यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग, जानिए क्या है अजीबोगरीब परंपरा

Tue, 06 May 2025 08:42 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Weird Traditions in World: दक्षिण अमेरिका में रहने यानोमानी (Yanomami) जनजाति के लोग अंतिम संस्कार से जुड़ी इस अजीबोगरीब परंपरा का पालन करते हैं। इस परंपरा में मृतक को जलाने के बाद बची राख को सूप बनाकर पीते हैं।
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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
Weird Traditions in World: दुनिया में रहने वाले अलग-अलग परंपराओं का पालन करते हैं। कई देशों में इस तरह की रीति रिवाजों का पालन किया जाता है, जिनके बारे में लोगों को यकीन नहीं होत है। दुनिया के अलग-अलग देशों में इंसान के अंतिम संस्कार की परंपरा भी अलग-अलग है। दक्षिण अमेरिका में एक जनजाति रहती है जो अंतिम संस्कार के समय एक अजीबगरीब परंपरा का पालन करती है। यह परंपरा इतनी अजीबोगरीब है कि जानकर आप हैरान हो जाएंगे। 

दक्षिण अमेरिका में रहने यानोमानी (Yanomami) जनजाति के लोग अंतिम संस्कार से जुड़ी इस अजीबोगरीब परंपरा का पालन करते हैं। इस परंपरा में मृतक को जलाने के बाद बची राख को सूप बनाकर पीते हैं। इस पर यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुल सच है। इस जनजाति के लिए ऐसा करना आम बात है। आपको बताते हैं कि यानोमानी जनजाति के लोग आखिर इस अजीबोगरीब परंपरा का पालन क्यों करते हैं? इस परंपरा से जुड़े क्या नियम हैं? 
 
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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
यानोमानी जनजाति दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। दुनिया में इस जनजाति को यानम या सेनेमा के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण अमेरिका के अलावा यह जनजाति वेनेजुएला और ब्राजील के कुछ इलाकों में भी मिलती है। इस आदिवासी जनजाति की सभ्यता पश्चिमी सभ्यता से बिल्कुल अलग है। यानोमानी जनजाति के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हैं। 
 
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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली इस जनजाति में अंतिम संस्कार करने की परंपरा बेहद अजीबोगरीब है। इस परंपरा को एंडोकैनिबेलिज्म कहा जाता है जिसका पालन करने के लिए जनजाति के लोग परिजन के मृतक शख्स का मांस खाते हैं। 

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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यानोमानी जनजाति में किसी शख्स की मौत हो जाती है, तो उसके शव को पत्तों और दूसरी चीजों से ढक कर रख दिया जाता है। 30 से 40 दिन बीत जाने के बाद वे शव को वापस लाते हैं और बचे शरीर को जला देते हैं। इसके बाद बची राख का सूप बनाकर पी जाते हैं। इस परंपरा का पालन जनजाति के लोग अपनी परंपराओं की वजह से करते हैं। 

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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
क्यों करते हैं परंपरा का पालन?

यानोमामी जनजाति के लोगों का मानना है कि किसी शख्स की मौत के बाद उसकी आत्मा की रक्षा करनी चाहिए। इस जनजाति में लोग मानते हैं कि किसी की आत्मा को तभी शांति मिलती है, जब उसके शरीर को रिश्तेदारों ने खाया हो। इसीलिए इस जनजाति के लोग अंतिम संस्कार के बाद राख को भी किसी ना किसी तरीके खा जाते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से शख्स को शांति मिलती है। 

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यहां पर रिश्तेदारों के मरने पर उनके शव की राख का सूप पीते हैं लोग - फोटो : Adobe Stock
एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक, जनजाति में अगर किसी शख्स की हत्या किसी दुश्मन या रिश्तेदार द्वारा कर दिया जाता है, तो उनका अंतिम संस्कार भी अलग तरह से किया जाता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ महिलाएं ही राख को खाती हैं। 
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