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Gates of Hell: यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! भूखे भूत-प्रेतों को खाना खिला रहे लोग

Mon, 10 Oct 2022 12:25 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
Gates of Hell:  दुनिया में कई ऐसी जगहे हैं जो भूत-प्रेत की वजह से हमेशा चर्चा में रहती है। कई लोग इन पर यकीन नहीं करते हैं, तो कुछ इन्हें लोग मानते हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जहां भूत-प्रेतों को खाना खिलाया जाता है और यह सिलसिला 15 दिनों तक चलता है। इसके पीछे एक खास वजह बताई जाती है जिसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे।

बताया जाता है कि यहां पर अगर भूतों का खाना नहीं खिलाया जाता है, तो बुरी आत्माएं और भूत परिवार के लोगों को परेशान करते हैं। अब यह कितना सच है और कितना झूठ इस बारे में हम नहीं बता सकते हैं। हालांकि लोगों की इसके पीछे एक मान्यता है जिसकी वजह से वह ऐसा करते हैं। आपने भी भूत-प्रेत की कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन ऐसी मान्यता के बारे में शायद ही पहले कभी सुना हो। आइए जानते हैं कि आखिर यह मान्यता और इसकी वजह क्या है? 
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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एशियाई देश कंबोडिया में इस तरह की मान्यता है। इस देश में शरद ऋतु के दौरान एक त्योहार मनाया जाता है जिसे पचम बेन फेस्टिवल (Pchum Ben festival) के नाम से जाता है। हर साल सितंबर और अक्टूबर के बीच खमेर चंद्र कैलेंडर के 10 महीने में 15 दिनों तक यह त्योहार चलता है। 

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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
कंबोडिया में मान्यता है कि इस त्योहार के दौरान नरक के दरवाजे 15 दिनों के लिए खुल जाते हैं। इसके बाद बुरी आत्माएं और भूत बाहर आ जाते हैं और यह भूखी होती हैं। इनको शांत करने के लिए खाना खिलाया जाता है। इस त्योहार में चार प्रकार के भूत और आत्माएं होती हैं। एक अस्थायी रूप से मुक्त आत्माएं होती हैं जो खून पीती हैं। इसे खमेर महोत्सव के तौर पर जाना जाता है। 

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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान मंदिरों, कब्रिस्तानों और अपने रिश्तेदारों के घरों के आसपास भूत घूमते हैं और अच्छे खाने की तलाश करते हैं। अगर इन भूतों को अच्छा खाना नहीं मिलता है, तो लोगों को परेशान करते हैं। कंबोडिया में लोग इस मान्याता को बहुत अधिक मानते हैं। यहां पर लोग अपने सात पूर्वजों को खाना खिलाते हैं।

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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
बताया जाता है कि त्योहार शुरू होने के पहले दिन लोग सूरज निकलने से पहले ही भोजन बना लेते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि भूत रोशनी नहीं पसंद करते हैं। अगर थोड़ी सी भी सूरज की रोशनी दिख गई, तो भूत भोजन स्वीकार नहीं करते हैं और लोगों को पापों की सजा मिलती है। 
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यहां 15 दिनों के लिए खुला नरक का दरवाजा! - फोटो : iStock
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंबोडिया एक भिक्षु ने कहा कि मान्यता है कि कुछ लोगों को उनके पाप की सजा मिलती है जिसकी वजह से वह नरक में चले जाते हैं। नरक में उनको काफी प्रताड़िता किया जाता है और पीड़ा होती है। नरक में लोगों को न कपड़े मिलते हैं और न ही खाना।  फचम बेन के दौरान परिजन आत्माओं को भोजना कराते हैं, ताकि उनकी पीड़ा कुछ कम हो सके। 
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