अधिक वजन को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता रहा है, पर क्या इसका कमाई और नौकरी पर भी असर हो सकता है? सवाल निश्चित ही हैरत भरा हो सकता है, पर हकीकत कुछ ऐसा ही बयां करती है। द इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक लंदन जैसे शहरों में ओबेसिटी-पे गैप देखा जा रहा है। जिसका मतलब है कि जिन लोगों का वजन अधिक है वह पतले-कम वजन वाले सहकर्मियों की तुलना में कम कमा और बचा पा रहे हैं।
रिपोर्ट में पाया गया है कि मोटापा के शिकार लोगों को अपने जीवन के कई हिस्सों में भेदभाव का अनुभव करना पड़ता है और कार्यस्थल भी उसी में शामिल है। अध्ययनों से पता चला है कि जिन लोगों का बॉडी-मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 या उससे अधिक है वह औसतन अन्य सहकर्मियों की तुलना में कम कमा पा रहे हैं। इसके क्या कारण हैं आइए समझते हैं।