North Korea Escape Story: जहां सांस लेना भी निगरानी में हो, वहां आजादी सिर्फ एक ख्वाब बनकर रह जाती है। उत्तर कोरिया ऐसा ही एक देश है, जहां से बाहर निकलना मानो मौत को दावत देना हो। लेकिन इसी डर के साये में दो भाइयों, किम इल-ह्योक और किम यी-ह्योक ने वो कर दिखाया, जिसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाएं।
करीब एक दशक पहले उनके पिता ने आजादी का सपना देखा था। उसी अधूरे सपने को पूरा करने के लिए भाइयों ने अपनी जान दांव पर लगा दी। उन्होंने 6 मई 2023 का दिन चुना, एक ऐसी रात, जब समंदर में उठा तूफान पहरेदारों की आंखों पर पर्दा डाल सकता था। यही मौका था, जब उन्होंने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने का फैसला किया।