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इस नौकरी के लिए नहीं चाहिए कोई डिग्री, हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम, करोड़ों में मिलती है सैलरी

Thu, 24 Jan 2019 03:45 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Air traffic controller - फोटो : Facebook
आमतौर पर मिडिल क्लास लोगों के लिए करोड़ों की सैलरी मिलना एक सपने की तरह ही होता है। लोग मानते हैं कि इतनी मोटी सैलरी पाने के लिए उनके पास खास तरह का क्वालिफिकेशन होना चाहिए। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी नौकरी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें न तो किसी डिग्री की जरूरत है और न ही किसी खास क्वालिफिकेशन की। हफ्ते में सिर्फ 4 दिन की काम करना होता है और इसके बदले लोगों को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सालाना पैकेज दिया जाता है। फिर भी ये नौकरी कोई नहीं करना चाहता। 
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Air traffic controller - फोटो : Facebook
दरअसल, न्यूजीलैंड में एयर ट्रैफिक कंट्रोल की नौकरी के लिए कंपनी करोड़ों का पैकेज दे रही है। काम है फ्लाइट्स के ट्रैफिक कंट्रोल का। जैसे कि कौन सी फ्लाइट कब जाएगी, कौन सी कब आएगी, कौन सी फ्लाइट किस रनवे पर उतरेगी। ये सारे काम एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को करने होते हैं। कंपनी इस काम के लिए कैंडिडेट से कोई भी क्वालिफिकेशन नहीं मांग रही है। कंपनी की बस इतनी शर्त है कि काम करने वाले शख्स की उम्र 20 साल से ज्यादा हो। 
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Air traffic controller - फोटो : Facebook
कंपनी का कहना है कि हमारे यहां हमेशा काम करने वालों की कमी बनी रहती है और ऐसा इसलिए है, क्योंकि लोगों को लगता है कि वो इस नौकरी के लिए बने ही नहीं हैं। एक और बात है, जिस वजह से लोग इस नौकरी को नहीं करना चाहते हैं और वो ये है कि ये काम बहुत ही खतरनाक और रिस्की है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की थोड़ी सी भी गड़बड़ी कई लोगों की जान भी ले सकती है। 

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Air traffic controller - फोटो : Facebook
न्यूजीलैंड के एयर-वे ट्रैफिक मैनेजर टिम बोयले ने इस नौकरी के बारे में बताते हुए कहा कि हम पहले देखते हैं कि नौकरी के लिए अप्लाई करने वाला उम्मीदवार 20 साल से ऊपर का हो। उन्होंने बताया कि इस नौकरी के लिए उम्मीदवार से किसी तरह की डिग्री नहीं मांगी जाती है। बस उसका फिटनेस देखने के बाद कंपनी की ओर से एक ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके आधार पर किसी को भी ये नौकरी मिलती है। 
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Air traffic controller - फोटो : Facebook
टिम बोयले ने बताया कि करीब 12 महीने की पेड ट्रेनिंग होती है। इस दौरान उम्मीदवार को कुछ लॉजीकल सीक्वेंस दिखाए जाते हैं। ये एक पहेली की तरह होते हैं, जिसमें पूछा जाता है कि किस सीक्वेंस से सीरीज पूरी होगी। इसी के आधार पर उम्मीदवार का चयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि ये लॉजीकल सीक्वेंस इतने आसान नहीं होते हैं कि हर कोई उसका जवाब दे सके। करीब 300 उम्मीदवारों में से औसतन 1 उम्मीदवार ही पहेलियों को सुलझा पाता है, जिसके बाद उसे नौकरी मिलती है।  
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Air traffic controller - फोटो : Facebook
टिम बोयले ने आगे बताया कि कंपनी उम्मीदवारों के अंदर ये चीज देखती है कि उसका दिमाग कितना ज्यादा सोच सकता है। उसका कॉन्सेप्ट और एनालिसिस एकदम सटीक हो, क्योंकि फ्लाइट ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए इन्हीं सब चीजों की जरूरत होती है।   
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