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अब समुद्र में इस वजह से बढ़ेगी मछलियों की संख्या, शोध में किया गया दावा

Fri, 01 Jan 2021 11:21 AM IST
योगेश जोशी फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हाल ही में हुए शोध में इस बात का दावा किया जा रहा है कि समुद्र में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने की वजह से मछलियों की कुछ प्रजातियों में प्रजनन शक्ति भी बढ़ने लगेगी। एडिलेड विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया है कि भविष्य में अधिक अम्लीय महासागरों में मछली की कुछ प्रजातियों में बड़े यौन अंगों की वजह से प्रजनन क्षमता अधिक होगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस सदी के अंत में जब महासागरों में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने लगेगी तब मछलियों की कुछ प्रजातियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
मछली की कुछ प्रजातियों में प्रजनन क्षमता अधिक होगी
  • ये प्रजातियां बड़े लिंग वाले अंगों को विकसित करने के लिए पानी के नीचे के पारिस्थितिक तंत्र में बदलाव कर अधिक शुक्राणु और अंडे पैदा करेंगी। जिस वजह से प्रजनन तंत्र में बदलाव होगा और मछलियों की संख्या में वृद्धि होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
विश्वविद्यालय के पर्यावरण संस्थान और दक्षिणी समुद्र पारिस्थितिकीय प्रयोगशालाओं के प्रमुख लेखक प्रोफेसर इवान नागलेकरन का कहना है कि वार्मिंग महासागर कार्बन उत्सर्जन से वायुमंडल में जारी होने वाले अतिरिक्त कार्बन डाई ऑक्साइड के एक तिहाई हिस्से को अवशोषित करते हैं, जिससे महासागरों का अम्लीयकरण होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
इस प्रजाति की मछलियों में अंडा और शुक्राणु उत्पादन में वृद्धि होती है
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि कई प्रजातियों पर समुद्री अम्लीकरण का नकारात्मक प्रभाव भी पड़ने लगता है। लेकिन इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ मछलियों प्रजातियों जैसे ट्रिपलएफिन पर समुद्र के अम्लीकरण का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने की वजह से इस प्रजाति की मछलियों में अंडा और शुक्राणु उत्पादन में वृद्धि होती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सह-लेखक प्रोफेसर सीन कॉनेल का कहना है कि, "ट्रिपलफिन और इसी तरह की अन्य प्रजातियों पर समुद्र में अम्लीकरण के बढ़ने पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पडे़गा।" "अध्ययन से ये भी पता चलता है कि कुछ, अधिक प्रभावी, प्रजातियां समुद्र के अम्लीकरण के तहत पारिस्थितिक तंत्र में सकारात्मक परिवर्तन करने में सफल होंगी, जिससे उनकी आबादी बढ़ जाएगी।"
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