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Mars Meteorite: धरती पर मंगल ग्रह से गिरा था रहस्यमयी उल्कापिंड, अब हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

Tue, 18 Jan 2022 04:49 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धरती पर इस ग्रह से गिरा था रहस्यमयी उल्कापिंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

वैज्ञानिकों ने धरती पर गिरे एक उल्कापिंड की खोज की थी। इसकी जांच में शोधकर्ताओं के हाथ बड़ी जानकारी लगी है। उनको पता चला है कि मंगल ग्रह पर रासायनिक प्रतिक्रिया पानी और चट्टान के बीच हुई थी। इस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मंगल ग्रह पर 4 अरब साल पहले जीवन से जुड़े कई जैविक कंपाउंड थे। 84001 उल्कापिंड की जांच शोधकर्ता एलन हिल्स कर रहे हैं। इस उल्कापिंड को ALH 84001 भी कहा जाता है। 

अब नए रिसर्च में पता चला है कि इस उल्कापिंड के अंदर ऑर्गेनिक कणों, कार्बन का मिश्रण, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और दूसरे तत्व हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च में बताया है कि किसी भी ग्रह पर जीवन, खनिजों की विविधता और ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल के उत्पादन के लिए पानी और चट्टान के बीच संपर्क बेहद जरूरी है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि मंगल ग्रह से आए उल्कापिंड का परीक्षण किया गया।
 
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धरती पर इस ग्रह से गिरा था रहस्यमयी उल्कापिंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

साल 1984 में हुई थी उल्कापिंड की खोज

वैज्ञानिक ने कहा है कि उल्कापिंड की जांच में मंगल ग्रह पर पानी और चट्टान के बीच संपर्क के बारे में जनाकारी मिली है। यह संपर्क करीब चार अरब साल पहले हुआ था। इस रहस्यमयी उल्कापिंड की खोज साल 1984 में अंटारकर्टिका में की गई थी। इसके बाद पता चला कि मंगल ग्रह से 1.7 करोड़ साल पहले यह उल्कापिंड अलग हो गया था। इसने अंतरिक्ष में करोड़ों साल तक यात्रा की और धरती पर गिर गया। 
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धरती पर इस ग्रह से गिरा था रहस्यमयी उल्कापिंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
वैज्ञानिक एंड्रीयू स्टील का कहना है कि इस उल्कापिंड पर दुनिया में सबसे अधिक रिसर्च किया गया है। यह बड़ी जानकारी तब सामने आई है जब मंगल ग्रह पर मानवीय बस्ती बसाने के बारे में दुनिया सोच रही है। इस उल्कापिंड की जांच में वैज्ञानिक के हाथ कई और बड़ी जानकारियां लग सकती हैं। इन जानकारियों से लाल ग्रह पर इंसानी कालोनियों को बसाने में मदद मिलेगी। 
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