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अजब-गजब: बिहार में यहां है रहस्यमयी सोने का भंडार, अगर दरवाजा खुल जाए, तो दुनिया को पीछे छोड़ देगा भारत

Tue, 03 May 2022 10:56 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
दुनियाभर में भारत अपनी पुरानी संस्कृति के लिए जाना जाता है। इसके अलावा देश में कई रहस्यमयी जगहें हैं जो आज भी वैज्ञानिकों के लिए पहेली हैं। इन्हीं में शामिल है बिहार में स्थित एक सोने का भंडार। जहां पर एक रहस्यमयी दरवाजा है, जिसे हजारों कोशिशों के बाद भी आजतक कोई भी खोल नहीं पाया है। इस दरवाजे को कई बार खोलने की कोशिश हुई, लेकिन कभी कामयाबी नहीं मिली। यह सोने का भंडार बिहार के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल राजगीर में एक गुफा के अंदर स्थित है। 

इतिहासकार बताते हैं कि हर्यक वंश की स्थापना करने वाले बिम्बिसार को सोने चांदी बहुत पसंद थे। सोने और चांदी के प्रति लगाव की वजह से वह आभूषणों को जमा करते रहते थे। कहा जाता है कि राजगीर की इस गुफा में बिम्बिसार का बेशकीमती खजाना छिपाकर रखा गया है। इस खजाने को बिम्बिसार की पत्नी ने छिपाया है। लेकिन इस खजाने को आज तक कोई भी नहीं खोज पाया। अंग्रेजों ने भी इस गुफा में जाने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन उनके भी हाथ नाकामी लगी। इस खजाने को 'सोन भंडार' कहा जाता है। 
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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock


जानकारों के मुताबिक, बिम्बिसार की पत्नी ने इस गुफा का निर्माण करवाया था। यह सोन भंडार आज भी दुनियाभर के लिए एक रहस्य है जिसे देखने के लिए देश और विदेश से हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। यहां पर आने वाले पर्यटकों में इस अनसुलझी पहेली को जानने की इच्छा होती है। 
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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

प्राचीन समय में मगध की राजधानी राजगीर में ही भगवान बुद्ध ने बिम्बिसार को धर्म के बारे में बताया था। बिहार के प्रसिद्ध स्थलों में शामिल यह स्थान भगवान बुद्ध से जुड़े स्मारकों के लिए मुख्य रूप से जाना जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि यह खजाना पूर्व मगध सम्राट जरासंघ का है, लेकिन इस बात के अधिक प्रमाण हैं कि यह खजाना हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार का है, क्योंकि इस गुफा से कुछ दूरी पर वह जेल थी जिसमें अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार को बंदी बना कर रखा हुआ था। उस जेल के अवेशष आज भी हैं, इसलिए इस खजाने को बिम्बिसार का ही माना जाता है।

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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
बताया जाता है कि बिम्बिसार की कई रानियां थीं। इनमें से एक रानी बिम्बिसार के बेहद करीब थी जो उनके पसंद का पूरा ख्याल रखा करती थी। जब अजातशत्रु ने अपने पिता को बंदी लिया तो, इस रानी ने ही इस गुफा में राजा के सभी खजानों को छिपाकर रख दिया। सोन भंडार के अंदर जाते ही सबसे पहले खजाने की रक्षा करने वाले सैनिकों का कमरा है। इसके बाद खजाने तक पहुंचने वाला रास्ता है जिसके दरवाजे पर एक विशाल पत्थर रखा हुआ है। आज तक कोई भी इस रहस्यमयी खजाने के दरवाजे को नहीं खोल पाया है। इसलिए यह अभी भी वैज्ञानिकों के लिए भी पहेली बनी हुई है। 
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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

इस गुफा के दरवाजे पर रखे पत्थर पर शंख लिप में कुछ लिखा गया है जिसे आज तक कोई नहीं पढ़ पाया। माना जाता है कि इसमें खजाने के दरवाजे को खोलने के बारे में बताया गया है। अगर इसको पढ़ने में कामयाबी मिल जाती है, तो खजाना तक पहुंचा जा सकता है। 
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रहस्यमयी सोने का भंडार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कुछ लोग मानते हैं कि बिम्बिसार के रहस्यमयी खजाने तक वैभवगिरी पर्वत सागर से होकर पहुंचा जा सकता है। यह रास्ता सप्तपर्णी गुफाओं तक जाता है जो सोन भंडार गुफा की दूसरी तरफ पहुंचता है। इस खजाने को पाने के लिए अंग्रेजों ने गुफा के दरवाजे को तोप से तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली।  
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