फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब एक पर्यटक के लिए खोला गया दुनिया का सातवां अजूबा, जानिए इस जगह से जुड़े अनोखे तथ्य

Fri, 20 Nov 2020 06:03 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
जापानी पर्यटक - फोटो : सोशल मीडिया
दुनिया के सात अजूबों में भी शामिल माचू-पिच्चू, पेरू का सबसे मशहूर पर्यटन स्थल है। माचू पिच्चू इंका सभ्यता की बची हुई निशानी है। पेरू में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद से यह सातवां अजूबा बंद है। हाल ही में इसे सिर्फ एक पर्यटक के लिए खोला गया है। एक जापानी पर्यटक, जो पिछले तीन महीनों से पेरू में फंसा हुआ था। उसने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह सिर्फ तीन दिन के लिए माचू पिच्चू घूमने आया था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से वो फंसा हुआ है। पेरू प्रशासन को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उसके लिए माचू पिच्चू घूमने का प्रबंध किया गया।
विज्ञापन

2 of 6
माचू पिच्चू - फोटो : Pixabay
माचू पिच्चू को अक्सर लोग 'इंकाओं का खोया हुआ शहर' भी कहते हैं। यह इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीकों में से एक है। इसे पेरू का एक एतिहासिक देवालय भी कहा जाता है, इसलिए इसे एक पवित्र स्थान माना जाता है। साल 1983 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया है।
विज्ञापन

3 of 6
माचू पिच्चू - फोटो : Pixabay
वैसे तो स्थानीय लोग माचू पिच्चू के बारे में बहुत पहले से जानते थे, लेकिन इसे दुनिया के सामने लाने का श्रेय अमेरिकी इतिहासकार हीरम बिंघम को दिया जाता है। उन्होंने साल 1911 में इस जगह की खोज की थी। तब से यह जगह दुनियाभर के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन गई है। बड़ी संख्या में लोग माचू पिच्चू को देखने के लिए आते हैं और इसके इतिहास और रहस्यों को समझने की कोशिश करते हैं।

4 of 6
माचू पिच्चू - फोटो : Pixabay
माना जाता है कि 1450 ईस्वी के आसपास इंकाओं ने इसका निर्माण किया था, लेकिन इसके लगभग सौ साल बाद ही जब स्पेनियों ने इंकाओं पर जीत हासिल कर ली तो वो इस जगह को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़कर चले गए। तब से लेकर आज तक यह शहर वीरान ही पड़ा है। अब तो यहां बस खंडहर की बचे हैं।
विज्ञापन

5 of 6
माचू पिच्चू - फोटो : Pixabay
इस जगह को लेकर एक और हैरान करने वाली मान्यता है। कुछ लोग मानते हैं कि माचू पिच्चू को इंसानों ने नहीं बल्कि एलियंस ने बनाया था, लेकिन बाद में वो इस शहर को छोड़कर चले गए। अब सच क्या है, ये तो किसी को नहीं पता, लेकिन इस जगह से जुड़ी ये मान्यताएं हैरान जरूर करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
माचू पिच्चू - फोटो : Pixabay
माचू पिच्चू शहर का निर्माण क्यों कराया गया था, यह अब तक एक रहस्य ही है। कहते हैं कि इस जगह का इस्तेमाल इंसानों की बलि देने के लिए किया जाता था और उन्हें यहीं पर दफना दिया जाता था। पुरातत्वविदों को यहां से कई कंकाल मिले हैं, लेकिन सबसे हैरानी की बात ये है कि इनमें से अधिकतर कंकाल महिलाओं के हैं। इसको लेकर कहा जाता है कि इंका सूर्य देव को अपना भगवान मानते थे और उन्हें खुश करने के लिए कुंवारी स्त्रियों की बलि देते थे। हालांकि, बाद में पुरुषों के भी कंकाल मिलने के बाद इस तथ्य को नकार दिया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें