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Myanmar Earthquake: जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? क्या है इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह

Wed, 02 Apr 2025 09:22 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Myanmar Earthquake: म्यांमार में आए भूकंप में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार हजार ज्यादा लोग घायल हैं। अब इस बीच बुधवार को जापान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 6.0 रही।
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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
Myanmar Earthquake: म्यांमार (Earthquake in Myanmar) में 28 मार्च को एक के बाद एक भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए। शुक्रवार को लगे भूकंप के ये झटके इतने तेज थे कि देश में भारी तबाही मची है। पहला भूकंप सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7.7 मापी गई। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7 मापी गई।

म्यांमार में भूकंप के झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए। बैंकॉक में इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.7 और 7.0 रही। दोनों ही भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था। म्यांमार में आए भूकंप में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार हजार ज्यादा लोग घायल हैं। अब इस बीच बुधवार को जापान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 6.0 रही। 
 
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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
कहां था भूकंप का केंद्र? 

म्यांमार का सागाइंग भूकंप का केंद्र था। भूकंप के झटके इतने तेज थे म्यांमार के मांडलेय में इरावडी नदी पर कथित तौर पर लोकप्रिय एवा ब्रिज गिर गया। दुनिया के अलग-अलग देशों में भूकंप आते रहते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
पृथ्वी के भीतर होती रहती है उथल-पुथल 

पृथ्वी जितनी बाहर शात और स्थिर नजर आती है, उतनी ही उसके भीतर हमेशा उथल-पुथल मची रहती है। भूगर्भीय प्लेटें टकराती रहती हैं, जिसकी वजह से हर साल अलग-अलग देशों में भूकंप आते हैं। कई भूविज्ञान विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारी पृथ्वी टेक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ (लावा) होता है। यह प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। जब यह प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो ऊर्जा निकलती है, जिसकी वजह से भूकंप आता है। 


 

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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
क्यों मचती है तबाही? 

धरती के नीचे स्थित भूगर्भीय प्लेटें बहुत धीमी गति से घूमती रहती हैं। यह हर वर्ष अपने स्थान से 4-5 मिमी तक खिसकती हैं। इस दौरान कुछ प्लेटें एक-दूसरे से दूर हो जाती है। इसके साथ ही कुछ एक के नीचे सरक जाती हैं, जिनके खिसकने और टकराने की प्रक्रिया की वजह से ही भूकंप आता है। जिस स्थान पर धरती के अंदर चट्टानें टूटती या टकराती हैं, वह स्थान भूकंप का केंद्र होता है। इसे हाइपोसेन्टर कहते हैं। 

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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
इस केंद्र से भूकंप की ऊर्जा तरंगों के रूप में फैलती हैं। तरंगों के धरती के सतह तक पहुंचने पर कंपन महसूस होता है। जिस स्थान पर यह  यह ऊर्जा सतह को काटती है, उसे एपिसेंटर कहा जाता है। यह स्थान भूकंप के सबसे नजदीक और यहां पर प्रभाव पड़ता है। 

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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
दबाक की वजह से टूटती हैं चट्टानें 

पृथ्वी की संरचना सात बड़े भूखंडों में बंटा हुआ है। जैसे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई भूखंड, उत्तर अमेरिकी भूखंड, और अफ्रीकी भूखंड। इनके नीचे की चट्टानें ज्यादा दबाव में रहती हैं। जब यह दबाव एक सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो चट्टानें टूट जाती हैं और सालों से संचित ऊर्जा  निकलती है।

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जानिए आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? - फोटो : Freepik
विशाल प्लेटों से धरती की सतह का निर्माण हुआ है। यह समुद्र और महाद्वीपों तक फैली हुई हैं। इन परतों के नीचे स्थित चट्टानें समुद्र के नीचे भारी और महाद्वीपों के नीचे हल्की होती हैं। चट्टानों को के टूटने पर यह ऊर्जा सतह पर पहुंच जाती है तबाही मचाती है। 
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