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500 साल पुराने इस शिव मंदिर की देखभाल कर रहा मुस्लिम परिवार, गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल

Sun, 03 Mar 2019 11:20 AM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
असम के गुवाहाटी में 'मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर करना...' कविता बिल्कुल सच साबित हो रही है। यहां गुवाहाटी के रंगमहल गांव में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है जो 500 साल पुराना बताया जाता है। सबसे खास बात यह है कि एक मुस्लिम परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर की देखभाल करता आ रहा है। 
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- फोटो : ANI
इस मंदिर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग आते हैं और प्रार्थना करते हैं। पूरे इलाके में इस शिव मंदिर की चर्चा है। कई पीढ़ियों से शिव मंदिर की देखरेख करने वाले मुस्लिम परिवार के मुखिया मतिबर रहमान बताते हैं कि यह मंदिर 500 साल पुराना है। हमारा परिवार इस मंदिर की देखभाल करता है। यहां सभी धर्मों के लोग प्रार्थना करने आते हैं।'  
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- फोटो : ANI
बता दें कि यह मंदिर उनके घर के पास ही स्थित है। इस मंदिर की देखभाल का काम उनकी पीढ़ियां करती आ रही हैं और इसी परंपरा को मतिबर रहमान ने भी कायम रखा है। इतना ही नहीं मतिबर रहमान हर रोज सुबह-शाम की नमाज के बाद इस शिव मंदिर की साफ-सफाई करते हैं।

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- फोटो : ANI
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ पूजा प्रार्थना भी करते हैं। पहले मतिबर रहमान के पिता इस मंदिर की देखभाल करते थे लेकिन उनकी मृत्यु के बाद अब वे इस परंपरा को निभा रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मौत के बाद उनका बेटा भी ये काम करेगा।
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भगवान शिव - फोटो : अमर उजाला
बेहद खुशी की बात ये भी है कि गांव के मुसलमान मस्जिद में नमाज पढ़ने के अलावा शिव मंदिर में नियमित रुप से दिया भी जलाते हैं। इंसानियत और प्रेम सद्भाव के इसी जज्बे ने इस गांव को सौहार्द को कायम रखा है।



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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कोई मुस्लिम परिवार किसी मंदिर की देखभाल कर रहा हो। पहले भी इस तरह की कई खबरें सामने आ चुकी हैं। इसीलिए भारत को गंगा जमुनी तहजीब का देश कहा जाता है जहां अलग अलग संप्रदाय के लोग मिलजुलकर साथ रहते हैं। 
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