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दुनिया का वो मुस्लिम बाहुल्य देश, जहां की ज्यादातर आबादी है रामभक्त

Mon, 14 Dec 2020 10:25 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंडोनेशिया रामकथा - फोटो : सोशल मीडिया
इंडोनेशिया एक ऐसा देश है, जहां मुस्लिमों की बाहुल्यता है। हालांकि, इसके बावजूद भी इंडोनेशिया में भगवान राम के लिए खास जगह और सम्मान है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इंडोनेशिया में रामकथा यानी रामायण एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस देश के मुस्लिम भगवान राम को अपने जीवन का नायक और रामायण को अपने दिल के सबसे करीब किताब मानते हैं।
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इंडोनेशिया रामकथा - फोटो : सोशल मीडिया
दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित इंडोनेशिया की आबादी करीब 23 करोड़ के आसपास है। बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया का चौथा सबसे अधिक आबादी वाला देश है और इसके साथ ही सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश भी है।
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इंडोनेशिया रामकथा के चित्र - फोटो : सोशल मीडिया
साल 1973 में इंडोनेशिया सरकार ने अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मलेन का आयोजन भी किया था, जो अपने आप में काफी अनूठा आयोजन था। क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था, जब घोषित रूप से कोई मुस्लिम राष्ट्र पहली बार किसी अन्य धर्म के धर्मग्रन्थ के सम्मान में इस तरह का कोई आयोजन कर रहा था। मुस्लिम राष्ट्र इंडोनेशिया में आज भी रामायण का इतना गहरा प्रभाव है कि देश के कई इलाकों में रामायण के अवशेष और रामकथा के चित्र का पत्थरों पर नक्काशी आसानी से मिल जाते हैं।

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इंडोनेशिया रामकथा - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, इंडोनेशिया और भारत के रामायण में थोड़ा अंतर भी है। भारत में राम की नगरी जहां अयोध्या है, वहीं इंडोनेशिया में यह योग्या के नाम से स्थित है। यहां राम कथा को ककनिन, या काकावीन रामायण नाम से जाना जाता है। हमारे देश में प्राचीन सांस्कृतिक रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मिकी हैं, तो वहीं इंडोनेशिया में इसके रचयिता कवि योगेश्वर हैं।
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इंडोनेशिया रामकथा - फोटो : सोशल मीडिया
इंडोनेशिया में जो रामायण प्रचलित है, वो 26 अध्यायों का एक विशाल ग्रंथ है। इस रामायण में भगवान राम जी के पिता जी दशरथ को विश्वरंजन कहा गया है, जबकि उसमें उन्हें एक शैव भी माना गया है। इंडोनेशिया की रामायण का आरंभ भगवान राम के जन्म से होता है, जबकि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण के प्रस्थान में समस्त ॠषिगणों की ओर से मंगलाचरण किया जाता है और दशरथ के घर इस ज्येष्ठ पुत्र के जन्म के साथ ही हिंदेशिया का वाद्य यंत्र गामलान बजने लगता है।
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इंडोनेशिया रामकथा के चित्र - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि पिछले साल इंडोनेशिया सरकार ने भारत में कई जगहों पर इंडोनेशिया की रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन करवाने की मांग की थी। इंडोनेशिया के शिक्षा और संस्कृरति मंत्री अनीस बास्वेदन भारत आए थे और उन्होंने तत्कालीन भारतीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा से मुलाकात किया था।
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