ज्वालामुखी विस्फोट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्रीपिक
तबाही की दास्तान
नीरागोंगो का इतिहास विनाश की कहानियों से भरा हुआ है। 1977 में हुए विस्फोट ने कुछ ही पलों में हजारों जिंदगियां छीन ली थीं। 2002 में निकला लावा गोमा शहर के बड़े हिस्से को अपने साथ बहाकर ले गया, जिससे लाखों लोग बेघर हो गए। 2021 में भी इसका गुस्सा फूटा, जिसमें कई लोगों की जान गई और गांव राख में बदल गए। हैरानी की बात यह है कि आज भी इसके आसपास करीब 20 लाख लोग रहते हैं, जो हर पल खतरे के साए में जिंदगी जीते हैं।