फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lava Lake: दुनिया की इस सिटी के नीचे खौलती है आग, खतरनाक लावा झील के ऊपर रहते हैं 20 लाख लोग!

Thu, 14 May 2026 02:54 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Lava Lake Facts: अफ्रीका के मध्य-पूर्वी हिस्से में मौजूद माउंट नीरागोंगो एक ऐसा ज्वालामुखी है, जो सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि हमेशा सुलगती हुई चेतावनी है।
विज्ञापन
1 of 5
दुनिया का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी - फोटो : AI
Lava Lake Facts: धरती की गहराइयों में उबलती आग जब सतह तक रास्ता बना लेती है, तो प्रकृति का सबसे भयानक रूप सामने आता है। ऐसा ही एक खौफनाक नजारा अफ्रीका के मध्य-पूर्वी हिस्से में मौजूद माउंट नीरागोंगो पेश करता है, एक ऐसा ज्वालामुखी, जो सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि हमेशा सुलगती हुई चेतावनी है।

आग उगलता पहाड़ और लावा की झील
कांगो के विरुंगा नेशनल पार्क में स्थित यह ज्वालामुखी करीब 11,385 फीट ऊंचा है। इसकी सबसे डरावनी पहचान इसके विशाल क्रेटर में मौजूद करीब 2 किलोमीटर चौड़ी लावा झील है, जहां पिघली हुई चट्टानें लगातार खौलती रहती हैं। दुनिया में ऐसे बहुत कम ज्वालामुखी हैं, जिनके भीतर लावा इस तरह हमेशा सक्रिय रहता हो।

Attack video: जंगल सफारी के बीच शेरनी ने किया भयानक हमला, देखते ही देखते शिकार ने तोड़ा दम
Car Facts: कार के आगे वाला शीशा झुका हुआ क्यों होता है? जानें इसके पीछे का विज्ञान
विज्ञापन

2 of 5
ज्वालामुखी विस्फोट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक
तबाही की दास्तान
नीरागोंगो का इतिहास विनाश की कहानियों से भरा हुआ है। 1977 में हुए विस्फोट ने कुछ ही पलों में हजारों जिंदगियां छीन ली थीं। 2002 में निकला लावा गोमा शहर के बड़े हिस्से को अपने साथ बहाकर ले गया, जिससे लाखों लोग बेघर हो गए। 2021 में भी इसका गुस्सा फूटा, जिसमें कई लोगों की जान गई और गांव राख में बदल गए। हैरानी की बात यह है कि आज भी इसके आसपास करीब 20 लाख लोग रहते हैं, जो हर पल खतरे के साए में जिंदगी जीते हैं।
 
विज्ञापन

3 of 5
ज्वालामुखी फटते क्यों हैं? - फोटो : adobestock
ज्वालामुखी फटते क्यों हैं?
ज्वालामुखी का फटना धरती के भीतर जमा ऊर्जा का परिणाम होता है। जब मैग्मा और गैसें सतह के नीचे इकट्ठा होकर दबाव बढ़ाती हैं, तो एक समय ऐसा आता है जब यह दबाव बाहर निकलने का रास्ता बना लेता है। विस्फोट से पहले अक्सर छोटे भूकंप, गैस का रिसाव और भाप निकलना जैसे संकेत मिलते हैं। नीरागोंगो का लावा बेहद पतला होता है, इसलिए यह तेजी से बहता हुआ आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले लेता है।
 

4 of 5
मौसम पर भी पड़ता है असर - फोटो : adobestock
मौसम पर भी पड़ता है असर
ज्वालामुखी का असर सिर्फ आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर मौसम को भी प्रभावित कर सकता है। इससे निकलने वाली गैसें और राख वातावरण में फैलकर तापमान को बदल देती हैं। कभी यह गर्मी बढ़ाती हैं, तो कभी सूरज की रोशनी को रोककर ठंड बढ़ा देती हैं। इतिहास में ऐसे उदाहरण मिलते हैं जब ज्वालामुखी विस्फोट के कारण पूरे साल मौसम असामान्य हो गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रहस्य, डर और कहानियां - फोटो : adobestock
रहस्य, डर और कहानियां
ज्वालामुखी हमेशा से इंसानी कल्पना और संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। ‘वोलकेनो’ शब्द भी रोमन अग्नि देवता वल्कन के नाम से आया है। साहित्य और फिल्मों में इन्हें रहस्यमयी और शक्तिशाली ताकत के रूप में दिखाया जाता रहा है। माउंट नीरागोंगो आज भी वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय है और स्थानीय लोगों के लिए एक ऐसा सच, जो हर पल उन्हें प्रकृति की ताकत का एहसास कराता है।

Viral Video: भयानक आंधी में टीन शेड के साथ हवा में उड़ा शख्स, वीडियो देखकर सहम जाएंगे आप
Desi Jugaad: बच्चे को नदी में खेलने के लिए भेजने से पहले मां ने निकाला ऐसा जुगाड़, लोगों ने की जमकर तारीफ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें