फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Monsoon 2023: इस साल क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश, कई घंटों तक क्यों बरसते हैं बादल, क्यों डूब रहे शहर

Thu, 13 Jul 2023 02:46 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : iStock
 
Monsoon 2023: देश के ज्यादातर इलाकों में इन दिनों मानसून की बारिश ने तबाही मचा रखा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में बारिश की वजह से यमुना नदी ने 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी के कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। इसके साथ ही कई वीआईपी इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया है। युमना में जलस्तर 208.57 मीटर तक पहुंच चुका है। इसके बाद अब दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि नदी का पानी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर तक पहुंच गया है। दिल्ली के नजदीकी राज्य हरियाणा और पंजाब में जमकर बारिश हो रही है। 

मानसून की बारिश की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भीषण बारिश हो रही है। भारी बारिश की वजह से पहाड़ी राज्यों के अलावा मैदानी इलाकों में भी तबाही का मंजर नजर आ रहा है। मानसूनी बारिश ने लोगों के सामने कई समस्याएं खड़ी कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस साल इतनी बारिश क्यों हो रही है? इसके साथ ही जलभराव की समस्या क्यों होती है? 

 
विज्ञापन

2 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्यों हो रही है भारी बारिश?

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में भारी बारिश हो रही है। फिलहाल दिल्ली में अभी बारिश बंद है। मौसम विभाग ने देश के कई इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान जताया है। सवाल यह है कि इतनी बारिश क्यों हो रही है? मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की वजह से उत्तर पश्चिम भारत में भारी बारिश हो रही है। 
 
विज्ञापन

3 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ है। पंजाब और हरियाणा में साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से बारिश हो रही है। मध्य भारत से होकर मॉनसून टर्फ पंजाब हरियाणा की तरफ आया है। साइक्लॉनिक सर्कुलेशन वह स्थिति है जिसमें उल्टी दिशा में हवा बहती है और वातावरण में ऊपर की तरफ जाती है। जब यह हवा ठंडी होती है, तो बारिश होती है। इन इलाकों में मॉनसून टर्फ भी है।

4 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : अमर उजाला
मॉनसून टर्फ उस स्थित को कहा जाता है जब मानसून के समय हवाएं एक जगह इकट्ठा हो जाती हैं और कम दबाव वाला क्षेत्र बनता है। इस स्थान पर बादल बनते हैं और हवाओं के साथ नमी आने की वजह से इन इलाकों में बारिश होती है। पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लॉनिक सर्कुलेशन और मॉनसून टर्फ तीनों के टकराने की वजह से उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश हो रही है। 

Lightning: बादलों के बीच कैसे बनती है आकाशीय बिजली, क्यों गरजता है बादल? जानिए सबकुछ
विज्ञापन

5 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
अचानक मूसलाधार बारिश की वजह

तेजी और लंबे समय तक बारिश होने की कई वजहे हैं। वातावरण में नमी की मात्रा मुख्य वजह है। अगर बहुत ज्यादा नमी मौजूद है, तो भारी बारिश होती है, लेकिन नमी कम होती है, तो बारिश भी कम होती है। वायुमंडल के तापमान पर भी बारिश निर्भर होती है। वातावरण गर्म होता है, तो हल्की बारिश होती है, लेकिन वातावरण ठंडा है, तो बारिश अधिक होती है। 

Chandrayaan-3: चांद पर यान भेज रहा है भारत, लेकिन चंद्रमा और पृथ्वी के बीच घट रही है ये बड़ी घटना
विज्ञापन

6 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : Amar ujala
क्या है जलभराव की वजह

भारी बारिश की वजह से देश के कई राज्यों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई राज्यों को बारिश की वजह से बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में युमना का जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। आखिर हल्की बारिश हो या भारी, जलभराव की स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है? अधिकतर बड़े शहरों में बेहतरीन सीवेज सिस्टम्स बनाए गए हैं, लेकिन सड़के पानी में क्यों डूब जाती हैं? जलजमाव की सबसे बड़ी वजह पानी की निकासी की खराब व्यवस्था है।

Earthquake: भारत की इस जगह पर लगातार आ रहे हैं भूकंप, क्यों हैरान हैं वैज्ञानिक?


 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Monsoon 2023 - फोटो : istock
ड्रेनेज सिस्टम की समस्या

ज्यादातर शहरों में सीवेज सिस्टम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन फिर भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। बारिश होते ही शासन-प्रशासन के दावों की पोल खुल जाती है। बिना स्टैंडर्ड्स और स्ट्रक्चरल नॉलेज के मनमुताबिक जल निकासी की व्यवस्था करने की वजह से जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने शहरों में नई इमारतें बनाई जाती हैं, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम पर काम नहीं किया जाता है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें