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Hair Sized Battery: वैज्ञानिकों ने बनाई बाल के आकार जितनी पतली बैटरी, जानिए शरीर में फिट होकर क्या करेगी काम

Tue, 27 Aug 2024 06:29 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Battery - फोटो : istock
Scientists Build Hair Size Batteries: आपने अब तक अलग-अलग प्रकार और साइज की बैटरी देखी होगी। लेकिन हाल ही में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बाल के आकार की बैटरी विकसित की है। यह बैटरी दशमलव (.) जैसे आकार के रोबोट को शक्ति देने का काम कर सकती है। यह एक जिंक-एयर बैटरी है, जो अपने आस-पास से ऑक्सीजन को पकड़कर जिंक की छोटी मात्रा को ऑक्सीकृत करती है। इस प्रक्रिया से 1 वोल्ट तक पावर सप्लाई पैदा हो सकती है। यह बैटरी ऊर्जा सेंसर या एक छोटी रोबोटिक भुजा जैसी चीजों को पावर दे सकती है, जो डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति की कोशिकाओं में सीधे इंसुलिन जैसे पदार्थों को पहुंचाने में मदद कर सकता है।

वैज्ञानिक लंबे समय के लिए इस कोशिका के आकार के रोबोट "मैरियोनेट्स" को शरीर में विशिष्ट स्थानों पर दवाएं पहुंचाने के लिए तैयार कर रहे हैं। लेकिन इसके लिए इन रोबोट्स को लंबे समय के लिए शक्ति प्रदान करना चुनौती साबित हो रहा है।
 
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Battery - फोटो : istock
इसके लिए कई मौजूदा डिजाइन सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। यानी उन्हें या तो सूर्य के प्रकाश के संपर्क में जाना पड़ेगा या लेजर के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि दोनों में से कोई भी शरीर में बहुत अंदर तक जाकर काम नहीं कर सकता है। ऐसे में रोबोट की बैटरी को रिचार्ज करना भी एक चुनौती है। वहीं वैज्ञानिकों की इस नई खोज ने इस काम को आसान कर दिया है।
 
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Battery - फोटो : istock
इस खोज से जुड़े अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और एमआईटी के एक केमिकल इंजीनियर माइकल स्ट्रानो का कहना है कि, "मैरियोनेट सिस्टम को वास्तव में बैटरी की जरूरत नहीं है क्योंकि उसे अपनी जरूरत की सारी ऊर्जा बाहर से ही मिल रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि, "अगर आप चाहते हैं कि यह छोटा रोबोट उन जगहों पर भी पहुंच सके जहां हम नहीं पहुंच सकते, तो उसे ज्यादा ऑटोनॉमी की जरूरत होती है।

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Battery - फोटो : istock
य़ह बैटरी अब तक की सबसे छोटी बैटरियों में से एक है। इससे पहले जर्मनी के शोधकर्ताओं ने साल 2022 में एक मिलीमीटर आकार की बैटरी का निर्माण किया था, जो एक माइक्रोचिप पर फिट होती है। वहीं स्ट्रानो और उनकी टीम की बैटरी इससे लगभग 10 गुना छोटी है। यह मात्र 0.1 मिलीमीटर लंबी और 0.002 मिलीमीटर मोटी है। यानी एक औसत मानव बाल से तुलना की जाए तो वह भी करीब 0.1 मिलीमीटर मोटे होते हैं।
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Battery - फोटो : istock
बैटरी में मुख्य दो कंपोनेंट होते हैं, एक जिंक इलेक्ट्रोड और दूसरा प्लैटिनम इलेक्ट्रोड, जो SU-8 नामक पॉलिमर में एम्बेडेड होते हैं। जिंक और ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया होने पर एक ऑक्सीकरण प्रतिक्रिया बनती है, जो इलेक्ट्रॉनों को छोड़ने का काम करती है। इसमें इलेक्ट्रॉन प्लैटिनम इलेक्ट्रोड में प्रवाहित होते हैं। 
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