सांकेतिक तस्वीर
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DRDO के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत ने वर्ष 2012 में ही दावा किया था कि भारत के पास दुश्मन सैटेलाइट को मार गिराने की सभी जरूरी तकनीक मौजूद हैं। दरअसल भारत के पड़ोसी चीन ने जनवरी, 2007 में इस मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसके बाद भारत सरकार ने भी इसे लेकर अपनी इच्छा का इजहार किया था। 2007 में चीन ने अपनी खराब हो चुकी फेंक युन 1-C नाम की सैटेलाइट को ASAT रॉकेट के जरिए 2,500 से 3,000 टुकड़ों में तोड़ दिया था।