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अजब-गजब: यहां पर साड़ी पहनकर पुरुष करते हैं पूजा, जानिए क्या है सालों से चली आ रही अनोखी प्रथा

Thu, 18 Nov 2021 11:47 AM IST
आशिकी पटेल फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यहां पर साड़ी पहनकर पुरुष करते हैं पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
भारत में कई धर्म के लोग रहते हैं और सबके रीति-रिवाज भी अलग-अलग होते हैं। यहां तमाम तरह की धार्मिक परंपराएं और रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। इनमें से कुछ परंपराएं इतनी अजीबोगरीब होती हैं, जिनके बारे में सुनकर आश्चर्य भी होता है। तो चलिए आज एक ऐसी अनोखी परंपरा के बारे में जानते हैं, जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। 

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा को लेकर तरह-तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं। ऐसी ही एक परंपरा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चंदन नगर में निभाई जाती है। ये परंपरा ऐसी है, इसके बारे में सुनकर आपको यकीन नहीं होगा। इस परम्परा के अनुसार महिलाएं नहीं बल्कि पुरुष साड़ी पहनकर देवी मां की पूजा करते हैं। सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि ये परंपरा साल दो साल से नहीं बल्कि पिछले 229 साल से निभाई जा रही है। आइये जानते हैं इस अनोखी परंपरा के बारे में सब कुछ.... 
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यहां पर साड़ी पहनकर पुरुष करते हैं पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
पश्चिम बंगाल के चंदन नगर में इस परंपरा के दौरान मां जगधात्री की पूजा की जाती है। इस दौरान घर की महिलाएं नहीं बल्कि पुरुष साड़ी पहनकर माता की पूजा करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी चंदन नगर का नजारा काफी अद्भुत था। इस बार भी पूजा के दौरान पुरुषों ने साड़ी पहनकर मां जगधात्री की सिंदूर और पान से आराधना की। 
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यहां पर साड़ी पहनकर पुरुष करते हैं पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
बांग्ला संस्कृति में सदियों से मां जगधात्री की पूजा के दौरान अलग ही नजारा देखने को मिलता है। इस दौरान पुरुष साड़ी पहनकर और सिर पर पल्लू डालकर मां जगधात्री की पूजा-अर्चना करते हैं। हर साल यह बहुत ही मोहक दृश्य होता है। पूजा के दौरान इस शानदार नजारे को देखने के लिए मंडप परिसर के भीतर  और बाहर सैकड़ों श्रद्धालु जमा रहते हैं। 
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यहां पर साड़ी पहनकर पुरुष करते हैं पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
तब से शुरू हुई ये परंपरा 
पश्चिम बंगाल की संस्कृति में ये परंपरा अंग्रेजों के शासन के समय से चली आ रही है। इस अनोखी पूजा के बारे में कहा जाता है कि 229 साल पहले जब अंग्रेजों का शासन था, तब शाम ढलने के बाद अंग्रेजों के डर से महिलाएं घर से नहीं निकलती थीं। उस दौरान घर के पुरुषों ने साड़ी पहनकर मां जगधात्री की पूजा की 
 थी। इसके बाद तो ये एक परंपरा चल निकली और तभी से पुरुष साड़ी पहनकर देवी मां की पूजा-अर्चना करते हैं। 
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