मॉरीसियो डॉस एंजोस
- फोटो : Instagram
मॉरीसियो ने बताया कि वह बचपन से ही अपने शरीर पर फ्लैमिंगो की जर्सी का टैटू बनवाना चाहते थे, लेकिन चूंकि उनके पिता को ये सब पसंद नहीं था, इसलिए वो टैटू नहीं बनवा पाते थे। मॉरीसियो जब 18 साल के हुए तो उन्होंने फैसला कर लिया कि चाहे जो हो जाए वो टीम की जर्सी का टैटू तो बनवाकर रहेंगे।