फोन की घंटी बजी और उधर से दुखद खबर मिली। 82 साल के शख्स को जब दिमागी रूप से बीमार 57 वर्षीय बेटे की मौत की खबर मिली तो भरोसा न हुआ। पता चला एक स्टोर में उनके बेटे की मौत हो गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह शव की शिनाख्त के लिए आने को तैयार हैं। उधर से जवाब मिला कि उंगलियों के निशान के आधार पर पहचान कर ली गई है।
विज्ञापन
2 of 5
son
- फोटो : The OCR
पूरा परिवार सदमे में था। भारी मन से ही सही, लेकिन परिवार ने पूरे मान-सम्मान से बेटे को सभी ने विदा किया। अंतिम संस्कार में करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
3 of 5
son
- फोटो : The OCR
'द ओसीआर' के मुताबिक, 11वें दिन फिर फोन की घंटी बजी। इस बार परिवार को जो खबर मिली वह उनके लिए सबसे ज्यादा चौंकाने वाली भी थी और खुशखबरी भी थी। दूसरी तरफ से आवाज आई 'हाय डैड'। आवाज सुनते ही पहले होश उड़ गए। फिर जब असलियत का पता चला तो आंखों में खुशी के आंसू आ गए...
4 of 5
son
- फोटो : The OCR
तमाम जांच-पड़ताल के बाद पता चला कि अधिकारियों ने जिस शख्स को उनका बेटा बताया था वह तो कोई और था। आखिरकार घर का चिराग वापस लौट आया। जिसे खो दिया था उसे दोबारा देख खुशी के मारे सभी की चीखें निकल पड़ी।