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Ajab-Gajab: भारत का अनोखा गांव, जहां लोग खाते भारत में और सोते म्यांमार में हैं

Sat, 22 Mar 2025 06:14 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजालाफिरकी डेस्क

सार

Ajab-Gajab: भारत की ज्यादातर आबादी गांवों में रहती है। भारत में कई अनोखे गांव भी है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी गांव के लोग खाना किसी और देश में खाते हैं और सोते दूसरे देश में।
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भारत का अनोखा गांव - फोटो : Adobe Stock
Ajab-Gajab: भारत की ज्यादातर आबादी गांवों में रहती है। भारत में कई अनोखे गांव भी है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी गांव के लोग खाना किसी और देश में खाते हैं और सोते दूसरे देश में।  अगर आपने इस बारे में कुछ नहीं सुना है तो हम आपको बता दें कि ऐसा अनोखा गांव भारत में ही है। यह गांव जितना खूबसूरत है, उतनी ही अनोखा भी है। 

भारत के इस अनोखे गांव का नाम है लोंगवा, जिसका आधा हिस्सा भारत में पड़ता है और आधा म्यांमार में। इस गांव की एक और खास बात यह है कि सदियों से यहां रहने वाले लोगों के बीच दुश्मन का सिर काटने की परंपरा चल रही थी, जिस पर 1940 में प्रतिबंध लगाया गया। 
 
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इस गांव में लोग खाते भारत में और सोते म्यांमार में हैं - फोटो : Adobe Stock
लोंगवा नागालैंड के मोन जिले में घने जंगलों के बीच म्यांमार सीमा से सटा हुआ भारत का आखिरी गांव है। यहां कोंयाक आदिवासी रहते हैं। इन्हें बेहद ही खूंखार माना जाता है। अपने कबीले की सत्ता और जमीन पर कब्जे के लिए वो अक्सर पड़ोस के गांवों से लड़ाइयां करते थे। 

 
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क्या है अनोखे गांव की खासियत - फोटो : Adobe Stock
साल 1940 से पहले कोंयाक आदिवासी अपने कबीले और उसकी जमीन पर कब्जे के लिए वो अन्य लोगों के सिर काट देते थे। कोयांक आदिवासियों को हेड हंटर्स भी कहा जाता है। इन आदिवासियों के ज्यादातर गांव पहाड़ी की चोटी पर होते थे, ताकि वे दुश्मनों पर नजर रख सकें। हालांकि, 1940 में ही हेड हंटिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। माना जाता है कि 1969 के बाद हेड हंटिंग की घटना इन आदिवासियों के गांव में नहीं हुई। 

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बेहद खूबसूरत है यह गांव - फोटो : Adobe Stock
कहा जाता है कि इस गांव को दो हिस्सों में कैसे बांटा जाए, इस सवाल का जवाब नहीं सूझने पर अधिकारियों ने तय किया कि सीमा रेखा गांव के बीचों-बीच से जाएगी, लेकिन कोंयाक पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सीमा के खंभे पर एक तरफ बर्मीज में (म्यांमार की भाषा) और दूसरी तरफ हिंदी में संदेश लिखा हुआ है। 

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यहां के लोगों को म्यांमार जाने के लिए नहीं पड़ती है वीजा की जरूरत - फोटो : Adobe Stock
लोंगवा गांव एक बेहद खूबसूरत जगह है। इस खूबसूरत जगह और यहां की हरियाली के लोग दीवाने हो जाते हैं। यहां पर प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही कई खूबसूरत पर्यटक स्थल हैं। इन स्थलों में डोयांग नदी, शिलोई झील, नागालैंड साइंस सेंटर, हांगकांग मार्केट शामिल हैं। आप यहां किराए पर कार लेकर जा सकते हैं। इस गांव के लोगों को भारत और म्यांमार दोनों देशों की नागरिकता मिली हुई है। वो बिना पासपोर्ट-वीजा के दोनों देशों की यात्रा कर सकते हैं। 
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